हादसे में राहुल की मौत की खबर से शादी वाले घर की खुशियां मातम में बदल गई। मां रोते हुए एक ही बात कह रही थी कि जिसे दूल्हे के रूप में देखना था, उसे अब इस हाल में कैसे देख पाऊंगी। सदमे से वह बार-बार बेहोश हो रही थी। परिजन और रिश्तेदार उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे थे।
राहुल का परिवार मूलरूप से अलीगंज एटा का रहने वाला है और फिलहाल गांव मीतई में रह रहा है। कुछ माह पहले राहुल की शादी चौबे वाले महादेव, सोखना रोड स्थित राम चंद्र कॉलोनी के रहने वाले राजवीर सिंह चौहान की बेटी वंदना से तय हुई थी। दोनों ही परिवारों में शादी की तैयारियां चल रही थीं। राहुल का दिल्ली में टेडी बियर बनाने का कारोबार करता था। रविवार की दोपहर को राहुल अपने दोस्त नितिन व राघवेंद्र के साथ आगरा से शादी की खरीदारी करने के लिए अपने घर मीतई से बाइक से निकला था।
काश मान ली होती पिता की बात तो नहीं जाती जान
राहुल के पिता संत हैं और उन्होंने रिंग सेरेमनी होने तक उसे घर से बाहर निकलने के लिए मना किया था। परिजनों और लोगों का कहना है कि काश राहुल ने पिता की बात मान ली होती तो वह आज जिंदा होता। परिजनों ने बताया कि मृतक राहुल के पिता रविंद्र सिंह राठौर गोर्वधन में संत हैं। उन्होंने राहुल को पांच दिसबंर तक घर से निकलने के लिए मना किया था।
उन्होंने ज्योतिषीय आकलन के आधार पर बताया था कि पांच दिसंबर तक तिथियां थोड़ी भारी हैं। उन्होंने चार दिसंबर को होने वाली रिंग सेरेमनी की तारीख बदल थी और इसके लिए पांच दिसंबर की तिथि नियत की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि जो भी कार्यक्रम करने हैं, उन कार्यक्रमों को सीधे शादी समारोह के दौरान ही कर लेना। परिजनों ने बताया कि मृतक का अंतिम संस्कार एटा के अलीगंज में होगा।