हथिनीकुंड बैराज से यमुना में लगभग तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से यमुना नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है, जिससे गांव मिढ़ावली के किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। यमुना के पानी ने किसानों की फसलों को खासा नुकसान पहुंचाया है। यदि एक-दो दिन यही स्थिति रही तो पानी गांव की आबादी तक पहुंच जाएगा।
हर दिन लोगों को यही उम्मीद रहती है कि शायद अब यमुना का जलस्तर घट जाएगा, लेकिन जल स्तर घटने के बजाय तेजी बढ़ रहा है। गांव मिढ़ावली में यमुना किनारे के एक हजार बीघा से अधिक खेत पानी में डूब गए हैं। किसानों की बाजरा व तिल की फसल को भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन भी गांव के लोगों से यमुना किनारे न जाने की अपील कर रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि यमुना का पानी खेतों से होते हुए गांव की आबादी और शिव मंदिर की ओर बढ़ रहा है। यदि अब और पानी छोड़ा गया तो यह गांव की आबादी को अपनी चपेट में ले लेगा।
ग्राम प्रधान राजेश कुमार ने बताया कि यमुना का जलस्तर अभी कम नहीं हुआ है। एसडीएम मनीष चौधरी ने बताया कि गांव मिढ़ावली में अभी स्थिति नियंत्रण में है। जिन किसानों की फसलों में पानी भरा है, पानी निकल जाने के बाद उनके नुकसान का सर्वे कराया जाएगा।