हाथरस। जायटं्स ग्रुप ऑफ हाथरस सहेली के तत्वावधान में स्थानीय दीप हॉस्पिटल पर कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए शनिवार को गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में महिलाओं को कन्या भ्रूण हत्या के लिए बनाए गए विभिन्न कानूनों एवं निर्धारित सजा के बारे में बताया। मुख्य अतिथि डॉ. दीपा शर्मा ने भ्रूण हत्या से उत्पन्न मानसिक और शारीरिक विकारों और प्रभावों से महिलाओं को अवगत कराया। ग्रुप अध्यक्ष जायंट्स गुंजन दीक्षित ने कहा कि हम स्त्री ही इस सृष्टि का आधार हैं। अगर इस आधार को ही समाप्त कर दिया तो यह सृष्टि ही समाप्त हो जाएगी। उन्हाेंने बताया कि जयपुर में आयोजित कांफ्रेंस में केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी द्वारा इस बात की वकालत की गई है कि प्रत्येक गर्भवती स्त्री यह सुनिश्चित करे कि महिला द्वारा बच्चे को जन्म दिया गया है या नहीं और यदि कन्या भ्रूण हत्या की गई है तो दोषियों को सजा दी जाए। अस्पताल के मरीजों को स्वल्पाहार वितरित किया गया। इस मौके पर मंजू, दीपा चड्ढा, लीना अग्रवाल, रजनी आंधीवाल, आशा शर्मा, सीमा वार्ष्णेय, कमलेश अरोड़ा, साधना वार्ष्णेय, पूनम अग्रवाल, मंजूलता वार्ष्णेय आदि मौजूद थीं।