रोज-रोज शराब पीकर पतियों की मारपीट और झगड़े से तंग आकर क्षेत्र के सिखरा गांव की महिलाओं ने ठेके पर प्रदर्शन कर धरना दिया। महिलाओं की वहां के सेल्समैन से काफी बहस भी हुई पर वे डटी रहीं। सूचना पाकर मौके पर पहुंची डायल 100 एवं कोतवाली पुलिस ने महिलाओं को समझा बुझा कर उनको घर भेज दिया।
बताया जाता है कि इस ठेके के कारण गांव में आए दिन झगड़े होते रहते हैं। शनिवार की रात को गांव सिखरा निवासी सुनील पुत्र जगदीश प्रसाद उस ठेके से शराब लेने गया था। क्वार्टर की कीमत 77 रुपये थी। सेल्समैन रामगोपाल ने उससे 80 रुपये लेकर तीन रुपये वापस नहीं किए। इस पर दोनों में कहा सुनी हो गईृ। थोड़ी देर बाद सेल्समैन अपने एक और साथी को लेकर सिखरा पहुंच गया। उसने तिराहे पर बैठे सुनील के साथ मारपीट की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों के मध्य समझौता करा दिया। सुबह होने पर गांव के कुछ युवक ठेके के पास मैदान में क्रिकेट खेलने चले गए। सुनील भी उनके साथ था। रामगोपाल एवं सुनील में एक बार फिर कहासुनी हो गई।
जब ग्रामीणों ने सुना तो वे लोग वहां एकत्रित हो गए, जिनमे महिलाओं की संख्या अधिक थी। महिलाओं को आते देख रामगोपाल ने अपने आप को ठेके के अंदर बंद कर पुलिस को बुला लिया। महिलाओं का कहना है कि ठेके के पास खेलने का स्थान है एवं पास ही एक मंदिर है। वह जब मंदिर में पूजा करने जाती हैं तो शराबी उन पर फब्तियां कसते हैं। मैदान में जब बच्चे खेलते हैं तो उन पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। पुलिस के काफी समझाने के बाद महिलाएं वहां से हटीं। पुलिस सुनील एवं रामगोपाल को कोतवाली ले आई। बाद में दोनों में समझौता हो गया। इधर ग्रामीणों एवं महिलाओं का कहना था कि गांव के नजदीक ठेका हटाने के लिए डीएम एवं अन्य अधिकारियों से शिकायत की जाएगी। यदि फिर भी मांग नहीं मानी गई तो वह सड़क पर उतर कर विरोध करेंगी ।