कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सोमवार को महिला नसबंदी ऑपरेशन शिविर लगाया गया। इसमें ऑपरेशन कराने पहुंची 21 महिलाओं को अलग-अलग अस्पतालों तक दौड़ाया गया। पहले हसायन से जिला अस्पताल और फिर सासनी के सरकारी अस्पताल तक चक्कर लगवाया गया। जिससे महिलाएं बिफर गईं और केवल तीन महिलाओं के ऑपरेशन ही हो सके।
सोमवार को हसायन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नसबंदी ऑपरेशन शिविर लगाया गया। यहां 21 महिलाओं ने पंजीकरण कराया। दोपहर बाद तक यहां जब सर्जन डॉक्टर और उनकी टीम नहीं आई तो महिलाओं को बागला जिला अस्पताल के लिए भेजा गया। एंबुलेंस से 18 महिलाओं को हाथरस भेज दिया गया। तीन वापस घर चली गईं। जब तक महिलाएं हाथरस पहुंचती वहां से सर्जन डॉ. रामबिहारी हसायन के लिए निकल चुके थे। वह हसायन आए तो यहां ऑपरेशन करने वाली टीम नहीं आई। इस पर हाथरस के जिला अस्पताल पहुंची महिलाओं को सासनी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाने के लिए कहा गया। इस पर महिलाएं बिफर गईं। नौ महिलाएं ही सासनी जाने के लिए राजी हुईं। शेष नौ गुस्से में वापस अपने घर चली गईं। सासनी पहुंची नौ महिलाओं में से डॉक्टर की टीम ने केवल तीन के ऑपरेशन किए। छह को वापस कर दिया। परेशान महिलाओं का कहना है कि नसबंदी के शिविर में उन्हें बहुत परेशानी हुई।
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