गांव सुमरत गढ़ी में डिजिटल लेनदेन की जानकारी लेतीं ग्राम संगठन की महिलाएं। स्रोत : स्वयं
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ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सासनी क्षेत्र में विशेष पहल की जा रही है। यहां गठित आठ ग्राम संगठनों की करीब 80 महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, डिजिटल भुगतान और सुरक्षित वित्तीय लेनदेन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं न केवल स्वयं बैंकिंग कार्य आसानी से कर सकेंगी, बल्कि अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी इसके प्रति जागरूक करेंगी।
सासनी क्षेत्र के गांव सुमृतगढ़ी निवासी बैंक सखी चंद्रवती शोभित महिलाओं को वित्तीय साक्षरता से जोड़ रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को बैंक खाता संचालन, आधार आधारित बैंकिंग, एईपीएस (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम), यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग, नकद निकासी, जमा, धन हस्तांतरण और सरकारी योजनाओं की धनराशि प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जा रही है। महिलाओं को यह भी बताया जा रहा है कि किसी भी वित्तीय लेनदेन के दौरान ओटीपी, एटीएम पिन, बैंक पासवर्ड और आधार संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।
ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल बैंकिंग की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। अब महिलाएं खुद बैंकिंग लेनदेन कर रही हैं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित कर रही हैं।
-चंद्रवती शोभित, बैंक सखी, सुमृतगढ़ी (सासनी)।
पहले छोटी-छोटी बैंकिंग जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब प्रशिक्षण के बाद पैसे भेजना, निकालना और खाते की जानकारी लेना आसान हो गया है।
-संतोष देवी, स्वयं सहायता समूह सदस्य।