संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
एक सड़क दुर्घटना में घायल एक महिला ने भी बृहस्पतिवार की रात्रि में उपचार के दौरान अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। इस दुर्घटना में उसके पति व बेटे की पहले ही मौत हो चुकी है। शव के यहां आने पर आक्रोशित लोगों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद की मांग को लेकर हाथरस-सिकंदराराऊ रोड पर कैलोरा चौराहे पर शव को रखकर जाम लगा दिया। सूचना पाकर हाथरस जंक्शन कोतवाली निरीक्षक वहां पहुंचे और जैसे-तैसे समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। इधर, तीन मौतों के बाद गांव में भी कोहराम मचा रहा।
उल्लेखनीय है कि हाथरस जंक्शन क्षेत्र में गांव कैलोरा के निकट 27 अप्रैल को एक बस ने एक मोपेड को रौंद दिया था। इस दुर्घटना में मोपेड सवार बिजेंद्र सिंह (40 वर्ष), उनके आठ वर्षीय बेटे नितिन कुमार निवासाीगण दरियापुर की मौत हो गई थी। बिजेंद्र की पत्नी मोहन देवी (35 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गई थी।
उन्हें उपचार के लिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। वहां मोहन देवी ने भी बृहस्पतिवार की रात्रि में दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद जब उनके शव को हाथरस जंक्शन लाया गया तो काफी ग्रामीण कैलोरा चौराहे पर एकत्रित हो गए और इन लोगोें ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
इन लोगों की मांग थी कि पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद की जाए। वहां वाहनों की कतारें लग गई। कुछ महिलाएं सड़क पर लेट गई। सूचना पाकर हाथरस जंक्शन कोतवाली निरीक्षक राजीव कुमार भी वहां पहुंच गए और समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। करीब एक घंटे बाद यह जाम खुल सका।