सबूत न मिलने पर संदेह के आधार पर एडीजे कोर्ट प्रथम ने अवैध कच्ची शराब में यूरिया मिलाने और बिक्री करने के 10 साल पुराने मामले में आरोपी महिला सत्यवती को दोषमुक्त कर दिया है। मामला थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र के नगला शीशगर का है।
30 जुलाई 2016 को पुलिस ने महिला के कब्जे से छह लीटर कच्ची शराब और 700 ग्राम यूरिया बरामद करने का दावा करते हुए आबकारी अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। अदालत ने पत्रावली व साक्ष्यों का अनुशीलन करते हुए पाया कि घटना सार्वजनिक स्थान की होने के बावजूद पुलिस ने किसी भी स्वतंत्र व्यक्ति को गवाह नहीं बनाया।
इसके अलावा, जब्ती के सीलबंद बंडलों पर आरोपी या गवाहों के हस्ताक्षर नहीं थे और माल को अदालत में पेश भी नहीं किया गया। अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा संदेह से परे आरोप साबित न कर पाने पर आरोपी महिला सत्यवती को दोषमुक्त करने का आदेश दिया।