शहर में एक दुकान पर रखे स्टील के पालने। संवाद
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की खरीदारी के लिए शहर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। घर-घर में कान्हा के आगमन की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार कान्हा को झूला झुलाने के लिए बाजारों में नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। पीतल के दामों में हुई बढ़ोतरी के चलते इस बार पीतल के पारंपरिक पालनों की जगह स्टील और लकड़ी के पालनों ने ले ली है।
धातुओं की कीमतों में आए उछाल के कारण पीतल के पालने आम खरीदारों के बजट से बाहर हो रहे हैं। ऐसे में ग्राहकों की मांग और जेब का ख्याल रखते हुए दुकानदारों ने भी इस साल स्टील के किफायती और आकर्षक पालनों का बड़ा स्टॉक मंगाया है। बाजार में मात्र 400 रुपये की शुरुआती कीमत से स्टील के सुंदर, चमकदार और टिकाऊ पालने उपलब्ध हैं, जो मध्यमवर्गीय परिवारों और श्रद्धालुओं को खूब भा रहे हैं।
स्टील के पालनों में क्रोम फिनिशिंग, वेलवेट गद्दी और झूमर वाले कई फैंसी विकल्प मौजूद हैं। स्टील के अलावा सागौन और शीशम की लकड़ी पर की गई बारीक नक्काशी वाले पालनों की भी बाजार में खूब मांग है। व्यापारी सोनू गुप्ता का कहना है कि पीतल के पालने महंगे होने के कारण लोग अब स्टील के पालने अधिक पसंद कर रहे हैं, क्योंकि ये देखने में भी काफी सुंदर हैं और बजट में भी आसानी से फिट बैठ रहे हैं।
कारोबारी योगेश वर्मा ने बताया कि स्टील के पालनों की मांग इस साल अधिक है। घर-घर में कन्हाई के जन्म की तैयारियों के बीच पालना और लड्डू गोपाल के शृंगार के सामान की खरीदारी के लिए दुकानों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। गौरतलब है कि चार सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा। इसके लिए श्रद्धालु तैयारियों में जुटे हैं। संवाद