हाथरस (ब्यूरो)। मंगलवार की तड़के हुई बूंदाबांदी से सर्दी के तेवर और तल्ख हो गए। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। बूंदाबांदी के बाद चली बर्फीली हवाओं ने मौसम को सितमगर बना दिया। दोपहर में निकली धूप भी अधिक राहत नहीं दे सकी। मंगलवार की तड़के ही बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया। रुक-रुक कर करीब एक से दो घंटे तक बूंदाबांदी का क्रम जारी रहा। सुबह लोग सोकर जागे तो बाहर हो रही बूंदाबांदी और शीतलहरों को देखकर घरों में ही कैद होकर रह गए। मौसम पहाड़ी इलाकों जैसा था। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। शीतलहरें भी लोगों को ठिठुराती रहीं। इस सर्द मौसम में लोग सर से लेकर पांव तक सिहर उठे। हाड़ कंपाऊ ठंड ने जनजीवन अस्त व्यस्त करके रख दिया। काफी लोगों का पूरा दिन अलाव, हीटर और अंगीठी के पास बैठकर गुजरा। शाम को दिन छिपने से पहले ही अंधेरा छा गया। शीतलहर से लोगों की कपकंपी छूटती रही। हाथरस। जिलाधिकारी शमीम अहदम ने सोमवार की देर रात शहर में भ्रमण किया। भीषण ठंड में खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने वालों का हाल जाना। कई जगह ठंड से कंपकंपाते मिले लोगों को कंबल का वितरण किया। इसके बाद डीएम जिला अस्पताल भी पहुंच गए, वहां इमरजेंसी वार्ड में उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण किया।ठंड के तेवर लगातार तल्ख होते जा रहे हैं। ऐसे में जरूरतमंद व बेसहारा लोगों को अलाव और कंबलों की सरकारी मदद पहुंच रही है या नहीं, यह देखने के लिए डीएम खुद सोमवार की रात शहर के भ्रमण पर निकल पड़े। उन्होने अलाव जलवाने के लिए निर्धारित किए स्थानों पर पहुंचकर यह देखा कि अलाव जल रहे हैं या नहीं। इसके अलावा भ्रमण के दौरान जहां कहीं भी उन्हें ठंड से कंपकंपाते हुए लोग मिले, उन्हें कंबल भी वितरित किए। उन्हें कई स्थानों पर अलाव जलते हुए नहीं मिले, जिसके लिए उन्होने अधिकारियाें को निर्देशित भी किया। इसके अलावा डीएम ने देर रात ही जिला अस्पताल की इमरजेंसी (आपातकाल) सेवा का भी औचक निरीक्षण किया और वहां मिले मरीजों व उनके तीमारदारों से भी स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में पूछताछ की। इसके अलावा अस्पताल में निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को चिकित्सक व कर्मियों से सुधारने को कहा।