प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का भक्तों को सजीव प्रसारण दिखाने की आयोजकों ने पूरी तैयारी कर ली है। शहर के प्रमुख मंदिरों, घंटाघर, गुड़िहाई बाजार, कमला बाजार, बड़े सासनी गेट चौराहा, अलीगढ़ रोड, किला गेट, चामड़ गेट आदि स्थानों पर सुबह से ही बड़ी-बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी।
भगवामय हुए बाजार, सजकर हुए तैयार
शहर के कमला बाजार, बड़े सासनी गेट, घंटाघर, नयागंज, किला गेट, पंजाबी मार्केट, सादाबाद गेट, सरक्यूलर रोड मेंडू रोड, रामलीला मैदान, मोती बाजार, हलवाई खाना, बुर्जवाला कुआं, बालापट्टी आदि स्थानों को श्रीराम के भगवा ध्वज, रंग-बिरंगी लाइटों और गुब्बारों से सजाया गया।
एक दिन पहले मंदिरों में चलीं तैयारी, अब मनेगा उत्सव
22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर होने वाले कार्यक्रम को लेकर एक दिन पहले 21 जनवरी को शहर के प्रमुख मंदिरों पर तैयारियों को अंतिम रूप प्रदान किया गया। मंदिरों पर साफ-सफाई और सजावट कार्य किया गया। देर रात तक मंदिरों पर तैयारियों का दौर चला।
शहर के अलीगढ़ रोड स्थित मंदिर नवग्रह, अलीगढ़ रोड स्थित हनुमान वाटिका, तालाब चौराहा स्थित मंदिर राम दरबार, हाथरस सिटी रेलवे स्टेशन रोड स्थित मंदिर गोपेश्वर महोवद, प्राचीन किला स्थित मंदिर श्रीराम दाऊजी महाराज, बड़े सासनी गेट स्थित मंदिर दक्षिण मुखी हनुमान जी महाराज, कमला बाजार स्थित मंदिर दाऊजी महाराज, हलवाई खाना स्थित मंदिर दाऊजी महाराज, घंटाघर स्थित मंदिर ठाकुर गोविंद भगवान, सादाबाद गेट स्थित मंदिर बालाजी महाराज, रूई की मंडी स्थित मंदिर ठाकुर कन्हैया लाल जी महाराज, ओसवाल चौक मालिन गली स्थित मंदिर धर्म-धाम, रामजीद्वारा स्थित प्राचीन मंदिर सीताराम जी महाराज, सरक्यूलर रोड स्थित मंदिर सीताराम जी महाराज, अलीगढ़ रोड स्थित मंदिर भैरों नाथ आदि मंदिरों पूरे दिन मेले सरीखा माहौल रहेगा।
मंदिरों पर हुए रामचरिमानस पाठ व सुंदरकांड पाठ
शहर के कई मंदिरों पर अखंड रामचरिमानस पाठक व सुंदरकांड का आयोजन किया गया। विधि-विधान के साथ अखंड रामचरिमानस पाठक का शुभारंभ हुआ। 28 घंटे बाद सोमवार को इसका समापन होगा। शहर के मथुरा स्थित कछपुरा से रविवार को अक्षत कलश यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के अंत में भगवान श्रीराम का डोला चल रहा था। जगह-जगह लोगों ने प्रभु श्रीराम की आरती उतारी।
नहीं लगा आतिशबाजी बाजार, मायूस लौटे लोग
जिले के 15 स्थानों पर अस्थायी आतिशबाजी की दुकान लगाने की अनुमति प्रशासन ने दी थी। लेकिन 21 जनवरी को कोई भी आतिशबाजी विक्रेता यहां नहीं पहुंचा। इससे लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा। बता दें कि हर साल दिवाली के अवसर पर शहर के बागला इंटर कॉलेज के मैदान पर अस्थायी आतिशबाजी का बाजार लगता है। जहां तीन दर्जन से अधिक आतिशबाजी की दुकान लगती हैं।