प्रदेश के श्रम और सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि सहकारिता एवं पंचायतराज का उद्देश्य क्षेत्र के किसानों एवं आम आदमी को सीधे सरकारी योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित करना है। इस दिशा में सार्थक कदम उठाने के लिए ही इस प्रकार के सम्मेलन आदि का आयोजन होता है। यह सम्मेलन भी इस दिशा में काफी महत्वपूर्ण है।
मेला श्रीदाऊजी महाराज के पंडाल में गुरुवार को आयोजित सहकारिता और पंचायतराज सम्मेलन का मौर्य ने बतौर मुख्य अतिथि शुभारंभ किया। उन्होंने जिले में श्रमिकों का पर्याप्त पंजीकरण नहीं होने को चिंताजनक बताया और कहा कि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसानों को कैसे मजबूत किया जाए। पंचायतराज के माध्यम से ग्राम पंचायतों को कैसे स्वावलंबी बनाया जाए, इस पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
प्रभारी मंत्री उपेंद्र तिवारी ने कहा कि सहकारिता का उद्देश्य खेती-किसानी करने वाले किसानों को समय से खाद बीज की उपलब्धता कराना है। इस दिशा में किसानों के हित में जो भी संभव होगा, वह किया जाएगा, जबकि ग्राम पंचायतों में हम पहले से ही जिले में स्वच्छता मिशन के तहत 31 दिसंबर तक सभी ग्राम पंचायतों को ओडीएफ करने के लिए अभियान चला रहे हैं। इस अभियान में ग्राम पंचायत की अन्य आधारभूत समस्याओं का समाधान किया जाना भी हमारा लक्ष्य है। उन्होंने किसानों की ऋण मोचन योजना का समारोह पूर्वक लाभ पहुंचाने की जानकारी दी।
इस मौके पर सांसद राजेश दिवाकर, सदर विधायक हरीशंकर माहौर, सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राना, भाजपा जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह परमार, पूर्व विधायक राजवीर सिंह पहलवान, पूर्व विधायक सुरेशप्रताप गांधी, सहित सभी अतिथियों का सम्मेलन संयोजक राजेश सिंह गुडडू और सह संयोजक चौधरी धर्मवीर सिंह ने फूलमालाएं पहनाकर प्रतीक चिह्न भेंटकर स्वागत किया। सम्मेलन में प्रेमपाल सोलंकी, बृजेश चौहान, रामू कुशवाहा, अनुराग अग्निहोत्री, सोमेंद्र सिंह प्रधान, विष्णु सेंगर प्रधान, सतेंद्र सिंह, हरी वार्ष्णेय, गौरव प्रताप सिंह, प्रेम सिंह कुशवाहा, मदन फौजी, बौबी प्रधान, बबलू प्रधान आदि मौजूद थे। सम्मेलन में जिले भर से ग्राम पंचायतों के प्रधान एवं क्षेत्रीय सहकारी सिमितियों के अध्यक्ष व सचिव मौजूद रहे।