सावन का चौथा और आखिरी सोमवार है। शहर और देहात क्षेत्र के शिव मंदिरों पर भक्तों का तांता लगेगा। आखिरी सोमवार को मंदिरों में मनोहारी शृंगारों की अविरल छटा बिखरेगी। धार्मिक आयोजनों की भी धूम रहेगी। हालांकि धार्मिक आयोजन रविवार से ही शुरू हो गए। कहीं अखंड रामायण पाठ की धूम रही तो कहीं शिव विवाह की।
सोमवार को मंदिरों में कहीं रुद्राभिषेक होगा तो कहीं शिव जागरण की धूम रहेगी। आखिरी सोमवार को भोलेनाथ ज्यादातर जगहों पर रुई के शृंगारों में दिखेंगे, जबकि कहीं फूलबंगला तो कहीं बर्फ के भी शृंगार होंगे। इसके लिए एक दिन पहले से ही मंदिरों में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
पूरे दिन शिव मंदिरों में विशेष तैयारियां की गई।
मंदिरों की साफ-सफाई के साथ-साथ मनोहारी पोशाकें बनाई गई। शिव मंदिरों पर विद्युत की झालर लगी हुई हैं। आज शाम मंदिर आकर्षक विद्युल झालरों की रोशनी से जगमग रहेंगे। घरों में महिलाओं ने शिव की आराधना के लिए तैयारियां की हैं। महादेव को प्रसन्न करने के लिए पूजा अर्चना की थालियां सजाई गई। शहर व देहात के शिव मंदिरों पर शिव भक्त कोई दूध तो कोई गंगाजल से अभिषेक करेगा। रविवार की शाम को बाजार मेें बेलपत्र, फूलमाला, धतूरा, भांग, काले तिल, फल आदि की खूब बिक्री हुई।