मुख्य डाकघर हाथरस में पति के पेंशन संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने आईं बीमार पत्नी की सीढ़ियों पर चढ़ने के दौरान तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतका की बेटी ने डाक विभाग के एक कार्यालय सहायक पर उत्पीड़न और संवेदनहीनता का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट दर्ज करने की गुहार लगाई है।
कासगंज रोड सिकंदराराऊ की रहने वाली श्रेया दीक्षित ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पिता रामसेवक शर्मा भारतीय डाक विभाग में शाखा डाकपाल के पद पर सिकंदराराऊ के कचौरा में कार्यरत थे, 29 जून 2025 को ड्यूटी के दौरान ही उनका निधन हो गया। पिता की मृत्यु के बाद नेशनल पेंशन सिस्टम से जुड़े दस्तावेजों की औपचारिकताएं हाथरस कार्यालय द्वारा पूरी की जानी थीं, जो करीब 11 महीने बीतने के बाद भी नहीं की गईं।
बीती 3 जून 2026 को डाक विभाग के कार्यालय सहायक के कहने पर वे 4 जून की दोपहर करीब एक बजे अपनी बीमार मां राधारानी को लेकर मुख्य डाकघर हाथरस पहुंचीं। डाकघर ऊपरी मंजिल पर स्थित है, इसलिए श्रेया ने कार्यालय सहायक से निवेदन किया कि उनकी मां अस्थमा की मरीज हैं। वे सीढ़ियां नहीं चढ़ सकतीं, इसलिए वह नीचे आकर कागजों पर हस्ताक्षर करा लें। आरोप है कि सब कुछ जानने के बावजूद कार्यालय सहायक ने नीचे आने से साफ मना कर दिया।
मजबूरन श्रेया अपनी बीमार मां को किसी तरह सीढ़ियों पर बैठा-बैठाकर ऊपर ले जाने लगीं। इस दौरान सीढ़ियां चढ़ते समय उनकी सांस उखड़ गई और तबीयत खराब हो गई। डाकघर के अन्य कर्मचारियों की मदद से उन्हें नीचे लाकर तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। श्रेया ने एसपी के अलावा अब मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय, डीजी पोस्ट व डीएम को भी शिकायत भेजी है। श्रेया का कहना है कि पिता के बाद उनकी मां का निधन भी डाक विभाग में ही हो गया।
मामला संज्ञान में आया है। इस गंभीर प्रकरण में विभागीय जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।-विनय वार्ष्णेय, प्रभारी वरिष्ठ डाक अधीक्षक, अलीगढ़ मंडल।