बारिश में भीगी गेहूं की कटी फसल को सुखाता मजदूर। संवाद
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जिले में बीती रात हुई बारिश और ठंडी हवाओं ने गेहूं की कटाई की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। जिन खेतों में फसल पककर तैयार खड़ी थी, वहां कटाई का काम अब तीन से चार दिन आगे खिसक गया है। जिन किसानों ने फसल काट ली थी, वे अब उसे भीगने से बचाने और सुखाने की कवायद में जुट गए हैं।
तेज हवा के साथ हुई बारिश के कारण कई क्षेत्रों में गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है, जिससे दाना काला पड़ने और चमक कम होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि खलिहानों में रखी कटी हुई फसल भीग जाने से अब उसे दोबारा सुखाने में काफी मेहनत करनी पड़ेगी। जब तक फसल की नमी पूरी तरह खत्म नहीं होगी, तब तक मड़ाई (थ्रेसिंग) का काम शुरू नहीं हो पाएगा।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार बारिश के कारण खेतों में अभी काफी नमी है। ऐसे में कंबाइन मशीनों का चलना मुश्किल हो गया है। गीली मिट्टी में मशीनों के धंसने की आशंका के चलते कटाई का कार्य फिलहाल तीन से चार दिन के लिए टाल दिया गया है। किसानों को सलाह दी गई है कि धूप निकलने पर फसल को बार-बार पलटकर सुखाएं, ताकि उसमें फफूंद लगने का खतरा न रहे।
फसल कटकर तैयार थी और मड़ाई की तैयारी चल रही थी, लेकिन अचानक हुई बारिश ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। अब दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने का डर है और कटी फसल को सुखाने में अतिरिक्त मजदूरी भी लगानी पड़ेगी।
जितेंद्र, गांव गिजरौली।
बेमौसम बारिश से कटी हुई गेहूं की फसल भीग गई है, जिसे अब तीन से चार दिन तक सुखाना पड़ेगा। पहले से ही फसल कई जगह गिरी हुई थी। अब दोबारा भीगने से नुकसान बढ़ने की आशंका है। मजदूर पहले से ही महंगे मिल रहे थे, ऐसे में लागत और बढ़ जाएगी।
-ज्वाला प्रसाद, गांव झींगुरा।