पहले सहालग और अब त्योहारों के सीजन में खान-पान में बरती जा रही लापरवाही लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। जिला अस्पताल से लेकर विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इन दिनों पेट दर्द, उल्टी और दस्त यानी गैस्ट्रोएंटेराइटिस (पेट का फ्लू) के मरीजों की संख्या में अचानक भारी इजाफा देखने को मिल रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में शनिवार को पेट से संबंधित बीमारियों के कुल 345 नए मरीज उपचार के लिए पहुंचे। बागला जिला अस्पताल के अलावा सादाबाद, सासनी, हसायन और मुरसान के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
गैस्ट्रोएंटेराइटिस के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। फिजिशियन डॉ. वरुण चौधरी का कहना है कि दिन में तापमान में बढ़त और दूषित खानपान के कारण पेट के विकार उत्पन्न हो रहे हैं। पिछले दिनों सहालगा में लोगाें ने हर तरह का खानपान किया है। इस कारण यह समस्या तेजी से बढ़ी है।
मरीजों की बढ़ती संख्या और त्योहारों के दौरान भीड़-भाड़ को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव राय ने जिले के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।
- संचारी रोगों के प्रति ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जाए।
- सभी केंद्रों पर ओआरएस और जरूरी दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- लोग शुद्ध और ताजा भोजन ही करें, बासी या खुले में रखे भोजन से परहेज करें।
- पीने के पानी को उबालकर या क्लोरिनेशन के बाद ही उपयोग में लें।
हल्का बुखार, पेट में मरोड़ या लगातार उल्टी-दस्त होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। घर पर खुद से इलाज करने या एंटीबायोटिक्स लेने से बचें, क्योंकि यह निर्जलीकरण की स्थिति को गंभीर बना सकता है।
-डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस