फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hathras News: महंगी हुईं सुहाग की चूड़ियां, गैस की कीमतों ने बढ़ाया बोझ

Thu, 04 Jun 2026 01:33 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
विज्ञापन
शहर की एक दुकान पर सजीं कांच की चूड़ियां। संवाद  - फोटो : Samvad
विज्ञापन
सुहाग और शृंगार का अहम प्रतीक मानी जाने वाली कांच की चूड़ियां अब ग्राहकों की जेब पर भारी पड़ने लगी हैं। गैस की बढ़ती कीमतों के कारण निर्माण की लागत बढ़ गई है, जिससे चूड़ियों के दाम 20 से 25 फीसदी तक बढ़ गए हैं। इसका असर अब फुटकर बाजार में भी साफ दिखाई दे रहा है।
विज्ञापन

चूड़ी कारोबारियों के अनुसार चूड़ी निर्माण में गैस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उत्पादन लागत बढ़ने से फिरोजाबाद में तैयार होने वाली चूड़ियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं हसायान क्षेत्र में तैयार होने वाली लाल और हरी कच्ची चूड़ियों के तोड़ों की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। कारोबारी बताते हैं कि एक तोड़े पर करीब 40 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है, जिसका सीधा असर तैयार माल की कीमतों पर पड़ा है।
दुकानदारों का कहना है कि बढ़ती लागत के साथ माल की उपलब्धता भी चुनौती बन रही है। फिरोजाबाद से पर्याप्त मात्रा में माल नहीं पहुंचने से मांग और आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ रहा है। कारोबारियों का मानना है कि यदि उत्पादन लागत में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में चूड़ियां और महंगी हो सकती हैं।
विज्ञापन




ग्राहक कीमत सुनकर कर रहे मोलभाव

बाजार में चूड़ियां खरीदने पहुंच रहीं महिलाओं को पहले की अपेक्षा अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। कई ग्राहक बढ़े हुए दाम सुनकर मोलभाव कर रहे हैं, जबकि दुकानदारों का कहना है कि बढ़ी हुई लागत के कारण उनके पास कीमत बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।



पिछले कुछ महीनों में चूड़ियों के थोक दाम लगातार बढ़े हैं। गैस महंगी होने के कारण निर्माण की लागत बढ़ी है और उसका असर सीधे बाजार पर दिखाई दे रहा है। पहले जो माल आसानी से मिल जाता था, अब उसे मंगाने में भी परेशानी हो रही है।
-मुकेश शर्मा, चूड़ी विक्रेता




कांच की चूड़ियों की कीमतों में सबसे अधिक बढ़ोतरी हुई है। फिरोजाबाद से आने वाला माल महंगा होने के साथ सीमित मात्रा में मिल रहा है। ग्राहकों को कीमतों में बढ़ोतरी समझाने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
विज्ञापन

-पंपी कुमार, चूड़ी विक्रेता।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें