जो लोग घरों से बाहर थे, वह गर्मी की मार से बिलबिला उठे। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसर गया। धूप से बचने के लिए लोग छाता, गमछा आदि का इस्तेमाल करते नजर आए, लेकिन दोपहर तीन बजे बादल छा गए।
16 मई की शाम को आई आंधी के बावजूद 17 मई को सुबह से ही मौसम के मिजाज गर्म रहे। धूप की तपिश और गर्म हवाओं की मार से पूरी दोपहर लोग बेहाल रहे, लेकिन शाम को तेज हवाओं और बूंदाबांदी से मौसम का मिजाज बदल गया। तापमान दो डिग्री गिरकर 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। 17 मई को न्यूनतम तापमान 28 और अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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16 मई की शाम को आई आंधी के बाद रात भर तेज हवाएं चलीं, जिससे माना जा रहा था कि 17 मई को मौसम के तेवर कुछ नरम रहेंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। सुबह से ही तेज गर्मी पड़ने लगी। सुबह 10 बजते-बजते धूप की तपिश और गर्म हवाओं से हाल-बेहाल होने लगा। दोपहर को 12 बजे तेज धूप व लू के थपेड़ों की वजह से लोग घरों से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
जो लोग घरों से बाहर थे, वह गर्मी की मार से बिलबिला उठे। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसर गया। धूप से बचने के लिए लोग छाता, गमछा आदि का इस्तेमाल करते नजर आए, लेकिन दोपहर तीन बजे बादल छा गए। तेज हवाएं चलने लगीं। बूंदाबांदी भी हुई। इससे मौसम में नमी आ गई।