बंबा में दो साल बाद आया पानी। संवाद
नौगांव से ऊंचागांव तक बहने वाले करीब 12 किलोमीटर लंबे बंबा में दो वर्षों बाद शुक्रवार को पानी आ गया।जिससे इस बंबा के दोनों ओर बसे 50 गांवों के हजारों किसानों को बड़ी राहत मिली है। अमर उजाला में बंबा के सूखे रहने की खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद सिंचाई विभाग ने इस मामले का संज्ञान लिया।
बंबा में पानी न होने से आसपास की हजारों बीघा फसलें सूखे की चपेट में आ गई थी। किसानों के सामने सबसे बड़ी चिंता खरीफ की फसलों को बचाने की थी। कपास, बाजरा, मक्का, मूंग, ज्वार के साथ-साथ तरबूज और खरबूजे जैसी फसलें पानी के अभाव में सूखने लगी थीं। किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही थी।
इसी बीच इस समस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया। शुक्रवार को सूखे पड़े बंबा में पानी छोड़ दिया गया। बंबा में पानी आते ही खेतों में सिंचाई शुरू हो गई है। किसानों के चेहरे पर लंबे समय बाद राहत और खुशी साफ नजर आई।
उनका कहना है कि समय पर पानी मिलने से अब फसलों को बचाया जा सकेगा। ग्रामीण धर्मपाल सिंह प्रधान ने कहा कि यदि समस्याओं को गंभीरता से उठाया जाए तो उनका समाधान संभव है। इस मौके पर अजय चौधरी, धर्मपाल सिंह प्रधान, नरेंद्र सिंह, निहाल सिंह, भोला, दिनेश गौतम, सतीश चन्द्र, मेघश्याम उपाध्याय आदि मौजूद रहे।