जिले में खारे पानी की समस्या को लेकर बुधवार को ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। पानी दो या मौत दो के नारे के साथ वाहन रैली निकालकर ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर परिसर में ही धरने पर बैठ गए। बाद में डीएम को ज्ञापन देकर ग्रामीण कलेक्ट्रेट से चले गए। गांव में उनका आंदोलन जारी रहेगा।
नगला मया में 16 जुलाई से खारे पानी की समस्या के समाधान की मांग को लेकर क्रमिक अनशन चल रहा है। नगला मया के साथ नजदीक के गांवों के ग्रामीण भी अनशन पर बैठे हैं। अनशन को समाप्त करने के लिए जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के अधिकारी गांव पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों ने किसी की नहीं मानी।
ग्रामीणों का कहना है कि खारे पानी की समस्या का जब तक समाधान नहीं होगा, तब यह अनशन जारी रहेगा। अब यह ग्रामीण अपनी मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। बुधवार को गांव नगला मया से एक वाहन रैली के रूप में सभी ग्रामीण निकले और नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। डीएम ऑफिस के सामने ग्रामीण धरने पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को ज्ञापन सौंपा और पूरी समस्या से अवगत कराया।
इस मौके पर वीरवती, गेसू देवी, श्रीमती देवी, कामिनी, देवी, मिथिलेश कुमारी, निर्मला देवी, सावित्री देवी, राजकुमारी, चंद्रपाल सिंह, मोहित कुमार, क्षत्रपाल सिंह, पवन कुमार, रामपाल सिंह, बलवीर सिंह, राजकुमार, मनोज कुमार, देव, रामपाल सिंह, चोखे सिंह, हरप्रसाद सिंह, योगेश कुमार आदि मौजूद थे।
इस समस्या को लेकर शासन को अवगत कराया जा चुका है। 2.11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है। प्रस्ताव पर मोहर लगते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
डॉ. रमाशंकर मौर्य, डीएम