हाथरस। चुनावी माहौल के बीच गांवों में सियासी सरगर्मियां पूरे उफान पर हैं। शहर से सटे गांव गिजरौली की चौपालों पर भी इन-दिनों चुनावी मंथन चल रहा है। लोग यह आकलन कर रहे हैं कि बीते पांच सालों में उन्होंने क्या खोया, क्या पाया। गांव में गंदगी और जलभराव की समस्या से ग्रामीण जूझ रहे हैं। पांच सालों में इन समस्याओं से ग्रामीणों को निजात नहीं मिल सकी। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं के लिए गांव के रास्ते इतने खतरनाक हैं कि इनमें रात तो दूर, दिन में भी आवागमन आसान नहीं हैं।
पानी की निकासी का इंतजाम नहीं होने से यह समस्या है। शिकायतों के बावजूद इन रास्तों की हालत सही नहीं कराई गई, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है। इससे भी बड़ी समस्या जर्जर तारों की है। कई जगहों पर तो जर्जर तार घरों को छूते हुए निकल रहे हैं।
बिजली विभाग ने एक ट्रांसफॉर्मर भी घर में ही लगा दिया है। जिनसे हर समय हादसे का डर रहता है। शिकायतों के बावजूद इन तारों को दुरुस्त नहीं कराया गया है। ग्रामीण इस बार ऐसा प्रधान चाहते हैं, जोकि हर विभाग में गांव की समस्याओं को मजबूती से उठा सके।