डीएम ने इस बारे में सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात की। नतीजा यह रहा कि अब हाथरस ब्रांच नहर में पानी छोड़ दिया गया है, जिससे उन किसानों के चेहरे पर राहत दिखाई दे रही है।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद सिंचाई विभाग की नींद टूट गई। नहर व रजबहों में पानी न होने से फसलें सूखने की समस्या को देखते हुए हाथरस ब्रांच नहर में पानी छोड़ दिया गया है। इस बारे में 22 अप्रैल को अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की थी, जिसका प्रमुख सचिव ने संज्ञान लिया।
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हाथरस ब्रांच नहर और इससे जुड़े रजबहे व माइनर सूखे पड़े थे। ग्रामीण क्षेत्र में नलकूपों पर बिजली आपूर्ति भी रोस्टर के अनुसार नहीं की जा रही थी। इस कारण किसानों की फसलें सूखने कगार पर हैं। अमर उजाला की खबर के बाद प्रमुख सचिव सिंचाई ने डीएम को इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे।
डीएम ने इस बारे में सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात की। नतीजा यह रहा कि अब हाथरस ब्रांच नहर में पानी छोड़ दिया गया है, जिससे उन किसानों के चेहरे पर राहत दिखाई दे रही है, जिनकी फसलें पानी की कमी से मुरझा रही थीं।