सहपऊ। ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान बीडीओ कार्यालय पर रविवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब प्रशासन ने एक महिला बीडीसी सदस्य को इसलिए वोट डालने से रोक दिया, क्योंकि मतदाता सूची से उनकी बल्दियत मेल नहीं खा रही थी। बीडीसी सदस्य का कहना था कि प्रशासन की वोटर लिस्ट में उनके नाम के साथ बल्दियत में पति का जो नाम लिखा गया है, वह उनके सामने हारी हुई प्रत्याशी के पति का है, लेकिन प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी और साफ कह दिया कि वोटर लिस्ट के हिसाब से ही वोट डलवाया जाएगा।
प्रत्याशी ने वहां पहुंचे डीएम शमीम अहमद के सामने भी यह मामला रखा, लेकिन डीएम ने भी इसमें हस्तक्षेप करने से साफ इंकार कर दिया। दरअसल, सहपऊ ब्लॉक के वार्ड संख्या 17 से पूरन देवी पत्नी कप्तान सिंह निवासी नगला भ्याऊ बीडीसी सदस्य चुनी गई हैं, जबकि उनके सामने पूरन देवी पत्नी हरप्रेम चुनाव हारी थीं। ब्लॉक प्रमुख चुनाव के लिए प्रशासन की वोट लिस्ट में पूरन देवी पत्नी हरप्रेम का नाम लिखा हुआ था। लिहाजा वोट डालने पहुंची निर्वाचित बीडीसी सदस्य पूरन देवी पत्नी कप्तान सिंह को बल्दियत मेच नहीं होने पर वोट डालने से रोक दिया गया। हालांकि उन्होंने अपना प्रमाण पत्र भी अधिकारियों को दिखाया, लेकिन अधिकारियों ने साफ कह दिया कि जो वोटर लिस्ट में है, वही माना जाएगा। काफी देर तक वहां हंगामा होता रहा। इस बीच डीएम भी पहुंच गए। उन्होंने भी स्पष्ट कह दिया कि जो उनके द्वारा हस्ताक्षरित वोटर लिस्ट है, उसमें दर्ज मतदाताओं को ही वोट डालने का अधिकार है। सदस्य का कहना था कि उनके पास प्रमाण पत्र उपलब्ध है तो फिर वोट क्यों नहीं डालने दिया जा रहा।