विधानसभा क्षेत्र -- मतदान केंद्र -- मतदान प्रतिशत
सिकंदराराऊ -- प्रा पा भिलोखरी -- 0
हाथरस -- प्रा पा ततारपुर -- 0.4
सादाबाद -- संविलियन नगला फत्ता करसौरा -- 1.15
हाथरस -- संविलियन पा सीकर क. न. 1 -- 1.63
हाथरस -- संविलियन पा सीकर क. न. 2 -- 2.37
सिकंदराराऊ -- संविलियन पा चिन्तपुर बदन -- 2.67
सादाबाद -- प्रा पा सौरई -- 4.54
हाथरस -- संविलियन पा ऊतरा क. न. 1 -- 9.44
2014, 2019 के आंकड़ों को भी नहीं छू सका मतदात प्रतिशत
हाथरस संसदीय सीट पर इस बार के मतदान प्रतिशत के आंकड़े चौंकाने वाले रहे। सुबह तक मतदान प्रतिशत ठीक रहा, लेकिन धीरे-धीरे गिरावट दर्ज होती गई। प्रशासनिक अमले को यह उम्मीद थी कि यह आंकड़ा करीब 60 फीसदी तक पहुंच जाएगा, लेकिन पिछले दो बार के लोकसभा चुनाव का आंकड़ा पार नहीं हो सका। पिछले लोकसभा चुनाव की अपेक्षा 5.71 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है।
जिला प्रशासन की ओर से स्वीप के तहत मतदाताओं को जागरूक करने के लिए तमाम आयोजन किए गए थे, लेकिन सारे प्रयासों का कोई खास असर नजर नहीं आया। तमाम कार्यक्रमों के बाद भी यहां के मतदाताओं को मतदान के प्रति रुझान कराने में प्रशासनिक अमला विफल साबित रहा। वहीं, दूसरी ओर तमाम गांवों में मतदान का बहिष्कार भी मतदान प्रतिशत कम करने में भूमिका निभाता रहा। हैरानी की बात यह है कि इस बार का लोकसभा चुनाव का मतदान प्रतिशत वर्ष 2019 के आंकड़ों तक पहुंचना तो दूर की बात रही 2014 के लोकसभा चुनाव के आंकड़ों को भी पार नहीं कर सका।
वर्ष -- मतदान प्रतिशत
1962 -- 56.95
1967 -- 54.45
1971 -- 43.77
1977 -- 61.95
1980 -- 49.86
1984 -- 50.61
1989 -- 51.37
1991 -- 51.57
1996 -- 39.02
1998 -- 47.58
1999 -- 41.08
2004 -- 41
2009 -- 45.01
2014 -- 59.66
2019 -- 61.07
2024 -- 55.36
लोकसभा चुनाव के मतदान के दौरान बदहाल सड़क, खारे पानी और जलभराव जैसी ज्वलंत समस्याओं को लेकर मतदाताओं ने अपना गुस्सा दिखाया। हाथरस, सादाबाद व सिकंदराराऊ विधानसभा क्षेत्रों के करीब 20 ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। बहिष्कार की सूचना पर पूरे दिन जिले के अफसर दौड़ते नजर आए। 19 गांवों में तो अधिकारियों ने इक्का-दुक्का वोट डलवा लिए, लेकिन हाथरस ब्लॉक के गांव भिलोखरी में एक भी वोट नहीं पड़ा।
क्षेत्र के गांव भिलोखरी में कुल 250 मतदाता हैं। यहां के ग्रामीणों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को सम्मान न दिए जाने व खारे पानी की समस्या को लेकर मतदान बहिष्कार किया। साथ ही मांग थी कि हाथरस का रोडवेज बस अड्डे का नाम ठाकुर विक्रम सिंह के नाम पर हो और गांव में खारे पानी की समस्या का भी निदान किया जाए। यहां शाम तक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया, लेकिन वह मतदान करने के लिए तैयार नहीं हुए।
हाथरस विधानसभा क्षेत्र के गांव चिंतापुर बदन के मतदान केंद्र पर माजरा त्रिलोकपुर को मिलाकर कुल 749 मतदाता हैं। इस गांव में सड़कों की हालत बेहद खराब है। कई सड़कों पर तो जलभराव है। इससे नाराज होकर मतदाओं ने वोट नहीं डाले। ग्रामीणों की शिकायत थी कि कोई भी जनप्रतिनिधि गांव में नहीं आता तो हम उनके लिए मतदान क्यों करें।
हाथरस विधानसभा क्षेत्र के गांव शेरपुर में जाने के लिए रास्ता नहीं है। इस समस्या को लेकर मतदाताओं ने चुनाव बहिष्कार किया। यहां मतदाताओं की संख्या 671 है। ग्रामीणों का कहना था कि वर्षों बाद भी गांव में आने के लिए रास्ता नहीं है। हालात ये हैं कि बेटी वाले अपनी बेटियां गांव में नहीं दे रहे। शादी की बात करने आने वाले भी रास्ता देखकर लौट जाते हैं। इसी विधानसभा क्षेत्र के गांव गढ़ी धारू में सड़क निर्माण न होने व खारे पानी की समस्या को लेकर मतदाताओं ने चुनाव बहिष्कार किया। मतदाताओं ने यहां मतदान शुरू होने के घंंटों बाद तक बहिष्कार जारी रखा। लोगों का कहना था कि कई वर्षों से सड़कें खराब हैं। मीठे पानी के लिए बच्चों को गांव से करीब तीन किमी दूर जाना पड़ता है। कोई सुनने वाला नहीं है, इसलिए बहिष्कार किया है।
हाथरस विधानसभा क्षेत्र के गांव नया नगला में लगभग 800 मतदाता हैं। यहां कई किलोमीटर की सड़क खराब होने के कारण लोगों ने मतदान का बहिष्कार कर गुस्सा जताया। जानकारी होने पर अधिकारी गांव पहुंच गए। कई घंटे तक अधिकारी ग्रामीणों को मनाते रहे। गांव मल्है में खारे पानी की समस्या से परेशान। मंगलवार को यहां सुबह के समय मतदान बहिष्कार किया गया। लोगों का कहना था कि गांव में समस्या के निदान के लिए कोई आता ही नहीं, किससे अपनी बात कहें। जब मतदान बहिष्कार किया तो कुछ अधिकारी तो गांव में आए। अधिकारियों को समस्या के बारे में अवगत कराया।
सासनी क्षेत्र में सड़क की समस्या को लेकर बहिष्कार से मतदान की शुरुआत
1. सासनी के नगला सेवा के बूथ संख्या 109 पर कुल मतदाता 453 हैं। यहां सड़क की समस्या को लेकर सुबह से मतदान का बहिष्कार किया गया। दोपहर लगभग 3:00 बजे से मतदान शुरू किया गया।
2. सासनी के गांव ऊतरा की बूथ संख्या 31 पर कुल मतदाता 1028 हैं। बूथ संख्या 32 पर 1061 मतदाता हैं। शाम 4:50 तक मतदाताओं ने मताधिकार का नहीं किया प्रयोग। एक बूथ पर चार मत डाले गए।
3. सासनी के सीकुर में भी सड़क की समस्या को लेकर दोहपर बाद बूथ संख्या 118 पर 12 मत पड़े एवं बूथ संख्या 119 पर 16 मत पड़े। यहां तमाम मतदाताओं ने बहिष्कार कर अपना विरोध जताया।
4. सासनी के खिटौली बूथ संख्या 24 पर 1206 मतदाता हैं। बूथ संख्या 25 पर मतदाता 1166 हैं। यहां दोपहर 3:30 बजे प्रशासनिक अधिकारी व भाजपा प्रत्याशी अनूप वाल्मीकि के समझाने पर ग्राम वासियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
5. सासनी के गांव छौक ततारपुर की बूथ संख्या 40 पर 747 मतदाता हैं। यहां प्रशासनिक अधिकारियों का जमावड़ा लगा। दोपहर बाद दो मत डाले गए। इसे लेकर ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने दो रसोइयों से जबरन वोट डलवाए हैं, जबकि यहां शाम तक वोट डाले अन्य वोट न डालने की सूचना रही।
मतदान बहिष्कार की सूचना पर अफसर गांव में गए थे, मतदान कराया गया है। भिलोखरी में मतदान नहीं हुआ है। शांतिपूर्ण तरीके से मतदान को कराते हुए ईवीएम को जमा कराया जा रहा है। - अर्चना वर्मा, जिला निर्वाचन अधिकारी।
प्रत्याशियों ने किए जीत के दावे
दाऊ बाबा की धरती पर सर्व समाज का प्यार मिला है। जनता अब बदलाव देखना चाहती है। मैं एक गरीब परिवार से हूं। ये जो प्यार जनता ने दिया है, मैं उसे हमेशा याद रखूंगा। हमेशा यहां के लोगों के बीच रहूंगा।- जसवीर वाल्मीकि, प्रत्याशी, सपा।
पांचों विधानसभा में जनता का भरपूर प्यार मिला है। हर वर्ग के मतदाता ने बसपा को वोट किया है। अब जनता अन्य दलों की सच्चाई को पहचान चुकी है। - एम बाबू धनगर, प्रत्याशी, बसपा।
देश में भाजपा की लहर है, हाथरस की जनता का भरपूर सहयोग मिल रहा है। यहां से मेरा पुराना नाता है। प्रचंड जीत के साथ जनता की सेवा में तत्पर रहूंगा। -अनूप वाल्मीकि, प्रत्याशी, भाजपा।
देर रात तक एमजी पॉलीटेक्निक में ईवीएम जमा करने के लिए लगी भीड़
हाथरस लोकसभा सीट के 10 प्रत्याशियों का भाग्य मंगलवार को ईवीएम में कैद हो गया। चार जून को प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम से बाहर निकलेगा। देर रात तक एमजी पॉलीटेक्निक परिसर में प्रयोगशुदा ईवीएम जमा करने के लिए कार्मिकोंं की भीड़ लगी रही। हर कर्मी जल्द से जल्द ईवीएम देकर घर जाने की हड़बड़ी में था। लिहाजा वहां मारामारी के हालात भी कई बार बने।
देर रात तक सभी मतदान कार्मिक परिसर में ईवीएम और मतदान सामग्री जमा करने के लिए अपने-अपने दस्तावेजों को पूर्ण करते हुए नजर आए।शाम छह बजे मतदान संपन्न होने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम एमजी पॉलीटेक्निक पहुंच गईं। पॉलीटेक्निक परिसर में बने काउंटरों पर कार्मिकों की भीड़ लग गई। काउंटरों पर मारामारी के हालात नजर आए। इन्हें संभालने में सामग्री जमा कर रहे कर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ रही थी।
आगरा रोड पर बंद रहा वाहनों का आवागमन
मतदान के बाद पोलिंग पार्टियों की वापसी के मद्देनजर आगरा-अलीगढ़ मार्ग पर मंगलवार की शाम को फिर भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया। जब तक ईवीएम व मतदान सामग्री जमा करने का काम खत्म नहीं हो गया, तब तक पुलिस पूरे आगरा रोड को दोनों तरफ से सील किए रही। इस दौरान हाथरस आने वाली रोडवेज बसें हतीसा पुल या इगलास अड्डा क्राॅसिंग होते हुए अंदर तक पहुंचीं।
16 बैलेट यूनिट, 26 कंट्रोल यूनिट व 47 वीवी पैट को बदला
हाथरस जनपद में सुबह मतदान से पूर्व मॉक पोल के दौरान ही समस्याओं की शुरूआत हो गई। कुल 16 बैलेट यूनिट, 26 कंट्रोल यूनिट, 47 वीवीपैट बदली गई। इसके चलते मतदान देरी से शुरू हो पाया। कुछ स्थानों पर आधा घंटे तक की देरी से मतदान शुरू हो सका। ईवीएम में आई खराबी को लेकर कंट्रोल रूप पर सूचनाएं मिलते ही सेक्टर मजिस्ट्रेट इधर से उधर दौड़ते रहे।
725 बूथों की हुई वेबकास्टिंग
निर्वाचन आयोग के 55 फीसदी बूथों पर वेबकास्टिंग कराने के निर्देश पर जिले के 725 बूथों पर वेबकास्टिंग कराई गई। कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम से सीधी नजर रखी गई। मतदान की प्रक्रिया को दिल्ली व लखनऊ में बैठे चुनाव अधिकारियों ने ऑनलाइन देखा। मतदान के बाद वेबकास्टिंग की रिकॉर्डिंग की सीडी चुनाव आयोग को भेजी जाएगी। कुछ स्थानों पर विद्युत आपूर्ति बाधित होने के कारण व्यवधान भी आया, लेकिन वेकल्पिक व्यवस्था कर व्यवस्था को सुचारू कराया गया।