मौसम में बदलाव के साथ ही एक बार फिर वायरल का प्रकोप बढ़ गया है। सरकारी अस्पतालों में सर्दी, जुकाम, बुखार और खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सबसे ज्यादा बच्चे और बुजुर्ग इन बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
मौसम पल-पल करवट बदल रहा है। कभी गर्मी लग रही है तो कभी कोहरे के साथ ठंड महसूस हो रही है। मौसम का यही बदलाव लोगों को बीमार कर रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि नाक से वायरस शरीर के अंदर पहुंच रहा है। वायरल बुखार इम्युनिटी सिस्टम को कमजोर कर रहा है। इस वजह से शरीर में इन्फेक्शन तेजी से फैल रहा है। ऐसे में जिला अस्पताल में सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या फिर बढ़ने लगी है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में सामान्य दिनों में लगभग एक हजार मरीज पहुंचते हैं, लेकिन इस समय ओपीडी में 1200 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की बात करें तो यहां भी मरीजों की संख्या में 20 से 30 फीसदी की वृद्धि हुई है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सूर्यप्रकाश ने बताया कि मौसम में आ रहे बदलाव की वजह से लोग वायरल बुखार, खांसी, सर्दी, जुकाम और मांसपेशियों में दर्द आदि बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। इस वायरस से बचने के लिए शरीर का तापमान व्यवस्थित रखने की जरूरत होती है। लोग शरीर में पानी की मात्रा कम न होने दें और गुनगुना पानी पीएं। अस्थमा के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। अचानक तापमान बढ़ने पर एकदम से कपड़े न उतारें। ठंडे व तले पदार्थों के सेवन से बचें और हल्का गुनगुना पानी पीएं।