हाथरस जंक्शन के गांव महौखास में भैंस को जहर देकर मारने के आरोप में ग्रामीणों ने तीन युवकों को पकड़ लिया। गुस्साए ग्रामीणों ने इन्हेंं जमकर पीटा। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को जैसे-तैसे ग्रामीणों से छुड़ाया और हिरासत में ले लिया। पुलिस ने भैंस के शव का पोस्टमार्टम कराया है।
जलेसर-सासनी मार्ग स्थित गांव महौखास में मंगलवार की सुबह गजराज सिंह की भैंस की अचानक मृत्यु हो गई। पड़ोस की रहने वाली महिला ने गजराज को बताया कि तीन लोग पशुओं के पास खड़े थे और धनिये में कुछ मिलाकर खिला रहे थे। तब तक गांव के लोग भी मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने तीनों की तलाश शुरू की।
महिला की पहचान के आधार पर तीनों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। इनके पास से धनिया व एक थैली में विषैला पदार्थ मिला। यह देखते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए और तीनों को दबोच लिया। इनकी जमकर पिटाई की। काफी संख्या में ग्रामीण आ गए।
जो व्यक्ति आता तीनों की पिटाई शुरु कर देता। पूछताछ में इन युवकों ने बताया कि वे पड़ोसी के गांव मवेली के रहने वाले हैं और पशु व्यापारी हैं। युवकों ने बताया कि वे छह लोग थे और पशु खरीदने आए थे। ग्रामीणों को इनकी बात पर विश्वास नहीं हुआ और इनकी पिटाई जारी रखी।
हंगामे की सूचना पर कोतवाली हाथरस जंक्शन पुलिस गांव पहुंची और तीनों को ग्रामीणों से छुड़ाया। इस दौरान पुलिस व ग्रामीणों के बीच भी नोकझोंक हुई। बाद में कार्रवाई का आश्वासन देकर पुलिस ने मामला शांत कराया गया। गजराज सिंह की तहरीर पर पुलिस ने पकड़े गए तीनों आरोपी खुशिया उर्फ शलू, आरिफ व सद्दाम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सीओ सिकंदराराऊ जेएन अस्थाना ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। भैंस के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और विसरा सुरक्षित रखा गया है। इसकी रिपोर्ट से साफ होगा कि भैंस को जहर दिया गया है या नहीं।