जिले की 120 ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों को ऑनलाइन सुविधाओं का लाभ मुहैया नहीं हो पा रहा है। इन ग्राम पंचायताें में इन सुविधाओं की आईडी क्रियाशील होने के बाबजूद भी पंचायत सहायकों की ओर से कार्य नहीं किया जा रहा है। इस कारण ग्रामीणों को ऑनलाइन सुविधाओं का लाभ लेने के लिए शहर की ओर से आना पड़ रहा है।
शासन की ओर से जिले की ग्राम पंचायतों में रहने वाले ग्रामीणों को उन्हीं के गांवों में 243 ऑनलाइन सेवाओं का लाभ दिए जाने के लिए पंचायती राज विभाग की ओर से पंचायत भवनों का निर्माण कराया गया। इन पंचायत भवनों में जन सेवा केंद्र का संचालन करने के लिए सभी पंचायत सहायकों की आईडी क्रियाशील कर दी गई है। हैरानी की बात यह है कि आईडी क्रियाशील होने के बाद भी पंचायत सहायकों की ओर से ग्रामीणों को इन सुविधाओं का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इस कारण ग्रामीणों को इन सेवाओं का लाभ लेने के लिए शहर की ओर से आना पड़ रहा है।यहां जिले में पंचायती राज विभाग की ओर से सीएमएस संस्था के माध्यम से आईडी क्रियाशील कराई गई है। इन आईडी के जरिए ग्रामीणों को जन्म प्रमाण पत्र से लेकर मृत्यु प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र ,जाति प्रमाण पत्र आदि जारी किए जाते हैं।
पंचायत भवनों में जन सेवा केंद्र तो बनाए गए हैं, लेकिन पंचायत सहायकों के जरिए ऑनलाइन सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसलिए शहर में जाकर कार्य कराने पड़ते हैं।
महेश, जैनी गढ़ी।
गांव में जन सेवा केंद्र का संचालन सही तरीके से हो जाए, तो ग्रामीणों को ऑनलाइन सुविधाओं का लाभ मिल सके।आईडी चालू न होने के कारण शहर जाना पड़ता है।
राजू, कैमार।