जिलेभर में 499 धार्मिक स्थलों को लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने के कारण पुलिस ने चिह्नित किया है। सभी को 15 जनवरी तक लाउडस्पीकर का प्रयोग बंद करने के लिए नोटिस दिया गया है।
हाईकोर्ट के बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को लेकर सार्वजनिक स्थलों, धार्मिक स्थलों, शादी समारोहों और जुलूसों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के रोक के बाद पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश को अमलनी जामा पहनाना शुरू कर दिया है। पुलिस ने उन धार्मिक स्थलों को चिह्नित कर नोटिस जारी कर दिया है जो लाउडस्पीकर का प्रयोग कर रहे हैं।
पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद धार्मिक स्थलों को ऐसे धार्मिक स्थलों को चिह्नित किया है। सादाबाद में सबसे ज्यादा 102, सिकंदराराऊ में 90 और सदर कोतवाली थाना क्षेत्र में 64 धार्मिक स्थल चिह्नित किए गए हैं। वहीं चंदपा में 59, हाथरस गेट थाना क्षेत्र में 56, सासनी में 46, हाथरस जंक्शन में 31, सहपऊ में 23, हसायन में 17 और मुरसान में 11 धार्मिक स्थलों को चिह्नित किया गया है। सभी को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में ऐसे सभी धार्मिक स्थलों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जहां लाउडस्पीकर लगाए गए हैं।
सार्वजनिक स्थल, सभा, जुलूस और शादी समारोह में डीजे बजाने के लिए भी अब अनुमति लेनी होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर पांच साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान भी है।
इसके अलावा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद जितने दिन तक लाउडस्पीकर लगाया जाएगा, प्रत्येक दिन पांच हजार रुपये के हिसाब से जुर्माना तय किया जाएगा। मालूम हो कि ध्वनि प्रदूषण विनियमन और नियंत्रण अधिनियम 2000 के तहत सार्वजनिक जगहों पर लाउड स्पीकरों के इस्तेमाल पर पाबंदी है। हाल ही में हाईकोर्ट ने लाउडस्पीकरों के इस्तेमाल पर तल्ख टिप्पणी की थी जिसके बाद सरकार ने इस संबंध में डीएम, एसपी से लाउडस्पीकर वाले धार्मिक स्थलों की रिपोर्ट मांगी है।