क्षेत्र की ग्राम पंचायत ढड़ौली में बृहस्पतिवार को राशन डीलर के रिक्त पद पर चयन के लिए हुई खुली बैठक ग्राम प्रधान के नहीं पहुंचने पर निरस्त कर दी गई। सुबह से बैठक में पहुंचीं महिलाओं ने वहां हंगामा शुरू कर दिया। ब्लॉक से आए अधिकारियों को घेरकर खरी-खोटी सुनाईं।
ग्राम पंचायत ढड़ौली में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत पूर्व में स्वयं सहायता समूह की अविवाहित महिला अध्यक्ष के राशन की दुकान आवंटित की गई थी। शादी होने के बाद युवती ने दुकान का संचालन करने में असमर्थता व्यक्त करते हुए पद से त्यागपत्र दे दिया था। इस कारण इस दुकान को प्रशासनिक अधिकारियों ने पड़ोस की ग्राम पंचायत से संबद्ध कर दिया।
डीलर के लिए रिक्त पद को भरने के लिए बृहस्पतिवार को ग्राम पंचायत में खुली बैठक का आयोजन किया गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय में पंडाल लगाकर यह बैठक कराई गई। ब्लॉक से सहायक विकास अधिकारी पंचायत प्रेमकिशोर यादव, एडीओ एडीओ आईबी भूपेंद्र सिंह, ग्राम पंचायत अधिकारी शिव कुमार सिंह व एनआरएलएम के स्थानीय क्षेत्रीय प्रबंधक शशिप्रकाश श्रीवास्तव सुबह 10 बजे ही बैठक में पहुंच गए।
दोपहर साढ़े 12 बजे तक बैठक में ग्राम प्रधान राजेंद्र सिंह नायक के नहीं पहुंचने पर ब्लाॅक स्तरीय अधिकारियों ने उनके नंबर पर कई बार संपर्क किया। कुछ देर बाद अधिकारियों ने प्रधान की गैरमौजूदगी में कोरम पूरा न होने की बात कहते हुए बैठक को निरस्त कर दिया, जिससे सुबह से इंतजार कर रहीं महिलाओं का सब्र जवाब दे गया। ग्रामीणों व महिलाओं ने कहा कि दूसरी बार बुलाई गई इस बैठक में प्रधान कुछ लोगों के दबाव के कारण नहीं आए हैं।
कुछ स्वार्थी राजनीतिक लोग अपने चहेते को राशन की दुकान का आवंटन कराए जाने के लिए प्रधान पर दबाव बना रहे हैं। इससे पूर्व भी खुली बैठक को कोरम पूरा न होने की वजह से स्थगित कर दिया गया था। महिलाओं का कहना था कि ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने जानबूझकर प्रधान को बैठक में बुलाने का प्रयास किया किया। आक्रोशित ग्रामीणों व महिलाओं ने ब्लॉक के अधिकारियों को घेर लिया।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिशुपाल सिंह ने पुलिस कर्मियों के सहयोग से जैसे-तैसे ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। एडीओ पंचायत ने बताया कि प्रधान के न पहुंचने पर कोरम के अभाव में बैठक स्थगित कर दी गई। प्रधान क्यों नहीं आए, इसकी उनको जानकारी नहीं है। प्रधान राजेंद्र सिंह नायक ने बताया कि वह बैठक में जाने के लिए घर से निकले ही थे, तभी उनकी रिश्तेदारी में एक रिश्तेदार के बीमार होने की सूचना मिल गई। इस कारण वह अपनी रिश्तेदारी में आवागढ़ चले गए।