सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बृहस्पतिवार को प्रसव के दौरान दो नवजात शिशुओं की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने हंगामा कर स्वास्थ्य कर्मियों का घेराव कर प्रदर्शन किया। इससे विभाग के अधिकारियों में खलबली मच गई।
गांव खिटौली निवासी वसुधा (27) को 10 सितंबर की रात करीब 12:30 बजे प्रसव पीड़ा हुई। परिजन उसे 102 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हसायन लाए। रात में स्टाफ नर्स ने वसुधा ने सामान्य प्रसव कराया। प्रसूता ने बेटे को जन्म दिया। जन्म के बाद नवजात की हालत बिगड़ने लगी और उसे ऑक्सीजन की आवश्यकता बताई गई।
परिजनों का आरोप है कि रात में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने फोन नहीं उठाया और न ही कक्ष का दरवाजा खोला। समय पर ऑक्सीजन व उपचार न मिलने से नवजात की हालत बिगड़ती गई। रात करीब तीन बजे उसे जिला चिकित्सालय रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। जिला चिकित्सालय में चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दूसरी ओर, गांव कटरा मलाई की शिल्पी (26) को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी पर लाया गया। महिला ने मृत शिशु को जन्म दिया। नवजात शिशु देखभाल इकाई (एनबीएसयू) में तीन स्वास्थ्य कर्मचारी तैनात हैं। परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान रात में एनबीएसयू में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। एनबीएसयू कर्मी ने बताया कि वह रात में ड्यूटी पर था और मृत नवजात की मामूली पल्स चल रही थी। उसे ऑक्सीजन लगाई गई, पर शिशु स्थिर नहीं हुआ, इसलिए रेफर करना पड़ा। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वेदप्रकाश ने बताया कि बैठक होने की वजह से कुछ समय चाहिए। उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। जानकारी की जा रही है।