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फर्जी मुठभेड़ कांड: बैकफुट पर आई हाथरस पुलिस, लगी एफआर, साक्ष्य न मिलने पर देर शाम दोनों युवक जेल से रिहा

Fri, 17 Oct 2025 07:19 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

हाथरस पुलिस को फर्जी मुरसान मुठभेड़ कांड भारी पड़ गया। दोनों युवकों के समर्थन में आए ग्रामीणों, किसान संगठनों ने घर से उठाकर ले जाने व मुठभेड़ दिखाने का आरोप लगाकर मुरसान कोतवाली व डीएम कार्यालय के घेराव किया था। जिस पर एसओ मुरसान को निलंबित किया गया। वहीं इगलास में हुई महापंचायत के बाद से पुलिस के हाथ-पांव फूल गए।
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हाथरस पुलिस ने लगाई एफआर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हाथरस के मुरसान मुठभेड़ कांड में फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगने व महापंचायत के बाद हाथरस पुलिस बैकफुट पर आ गई। 16 अक्तूबर को इस मामले में जेल भेजे गए इगलास के दोनों युवकों पर दर्ज दोनों मुकदमों में अंतिम रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी। जिसके आधार पर शाम को अलीगढ़ जिला कारागार से दोनों की रिहाई हो गई। इसके बाद वे अपने घर भी पहुंच गए।

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कस्बा मुरसान के खाद कारोबारी अमित अग्रवाल की शिकायत पर मुरसान पुलिस ने लूट के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया था। जिसका खुलासा करते हुए इगलास के बढ़ाकला के सोनू उर्फ ओमवीर सिंह व सूर्यदेव उर्फ देवा को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जिसमें सोनू की गिरफ्तारी मुठभेड़ में दिखाई गई थी। इस मुठभेड़ में सोनू पांव में गोली लगने से घायल हुआ था। बस पुलिस को यह मुठभेड़ दिखाना ही भारी पड़ गया। दोनों युवकों के समर्थन में आए ग्रामीणों, किसान संगठनों ने घर से उठाकर ले जाने व मुठभेड़ दिखाने का आरोप लगाकर मुरसान कोतवाली व डीएम कार्यालय के घेराव किया था। जिस पर एसओ मुरसान को निलंबित किया गया। 

वहीं इगलास में 15 अक्तूबर को हुई महापंचायत के बाद से पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। जिसमें पुलिस अधिकारियों ने सभी मांगें मान लेने का भरोसा दिलाया था। इसी पंचायत के अगले दिन यानि 16 अक्तूबा को पुलिस ने आनन-फानन व्यापारी की ओर से दर्ज लूट के प्रयास व पुलिस की ओर से दर्ज मुठभेड़ के मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी। न्यायालय में विवेचक की ओर से दी गई अंतिम रिपोर्ट में दोनों मामलों में साक्ष्य के न मिलने का हवाला दिया है। 
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इस अंतिम रिपोर्ट के आधार पर शाम को न्यायालय से रिहाई आदेश जिला कारागार भिजवाया गया। अलीगढ़ जिला कारागार अधीक्षक बृजेंद्र सिंह के अनुसार अदालत के रिहाई आदेश पर शाम को दोनों युवक रिहा कर दिए गए। इधर, दोनों के घर पहुंचते ही परिजनों ने राहत की सांस ली। गांव में दोनों के घर ग्रामीणों का हुजूम जमा रहा तथा पुलिस भी तैनात रही।

युवकों पर व्यापारी व पुलिस की ओर से दर्ज दोनों मुकदमों की प्रारंभिक विवेचना में उनके खिलाफ साक्ष्य नहीं मिले। इसके आधार पर अंतिम रिपोर्ट लगाई गई है। दोनों युवक रिहा कर दिए गए हैं। बाकी पूरे मामले में न्यायिक जांच जारी है। उसके आधार पर आगे कार्रवाई तय होगी।-चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी, हाथरस

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