मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हाथरस की हींग की खुशबू अब पूरे देश में पहुंच रही है। इस पावन धरा को नमन करने का अवसर उन्हें प्राप्त हुआ है। इस ब्रज की द्वार देहरी ने कई महापुरुषों को जन्म दिया है। इस देहरी पर दाऊजी महाराज की अनुकंपा है। इस धरती ने काका हाथरसी जैसे साहित्यकारों को जन्म दिया है।
मेरे साथ भी सांसद रहे राजवीर दिलेर : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिकंदराराऊ के नगर पालिका क्रीड़ा स्थल पर भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित करने से पूर्व सांसद राजवीर दिलेर को श्रद्धाजलि दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के वर्तमान सांसद राजवीर दिलेर हमारे बीच में नहीं रहे। दो वर्ष पूर्व उनकी सर्जरी हुई थी। मैं उनको भाजपा परिवार की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि देता हूं। उनके पिता किशनलाल दिलेर के साथ संसद में लंबे समय तक कार्य करने का मौका मिला था। राजवीर दिलेर भी मेरे साथ सांसद रहे थे। उनकी आत्मा जहां भी होगी, वह हाथरस शहर के विकास को देखेगी। मैं विश्वास के साथ कहता हूं कि उनकी विकास की जो भावनाएं थीं, वह भाजपा पूरा कराएगी।
यह रहे मंच पर मौजूद
भाजपा प्रत्याशी अनूप प्रधान, समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण, प्रदेश उपाध्यक्ष ब्रज बहादुर, सदर विधायक अंजुला माहौर, भाजपा जिलाध्यक्ष शरद माहेश्वरी, जिला प्रभारी डीपी भारती, विधायक सिकंदराराऊ वीरेंद्र सिंह राना, विधायक छर्रा रवेंद्र पाल सिंह, एमएलसी ऋषिपाल सिंह, राज्यसभा सांसद विजय लक्ष्मी, बरौली विधायक ठा. जयवीर सिंह, विधायक इगलास राजकुमार सहयोगी, अलीगढ़ के भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह, विधायक सादाबाद प्रदीप चौधरी गुड्डू, जिलाध्यक्ष रालोद केशवदेव चौधरी आदि मौजूद रहे।
ये रहे मौजूद
मुख्यमंत्री की जनसभा में प्रमुख रूप से पूर्व विधायक यशपाल सिंह चौहान, पुरदिलनगर नगर पंचायत अध्यक्ष हर्षकांत कुशवाहा, ब्लॉक प्रमुख हसायन धर्मेंद्रपाल सिंह, नरेंद्र सिंह जादौन, पप्पू भाई, सोमेश यादव, जिला पंचायत सदस्य सोनू चौहान, अगसौली मंडल अध्यक्ष योगेश परमार, दीपक उपाध्याय, पंकज गुप्ता, नगर भाजपा अध्यक्ष मुकुल गुप्ता, पूर्व नगर अध्यक्ष नीरज वैश्य, भाजपा जिला उपाध्यक्ष बृजेश चौहान, सुनील गुप्ता, मीरा माहेश्वरी, सुशीला चौहान, नीलम माहेश्वरी, जयपाल सिंह चौहान, पंकज गुप्ता, मुकेश चौहान, देवेंद्र राघव, जितेंद्र वार्ष्णेय पिंटू, प्रवीन वार्ष्णेय, कमलेश शर्मा, राजू सूफी, बृजमोहन गुप्ता, सूरज वार्ष्णेय, प्रिंस गुप्ता आदि थे।