गुतहरा विद्युत उपकेंद्र में फेंकी गईं ईंटें। संवाद
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बिजली कटौती का विरोध अब हिंसक रूप लेता जा रहा है। कटौती से गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार को सुबह 10 बजे गांव गुतहरा के विद्युत उपकेंद्र पर जमकर हंगामा किया। ग्रामीण आंधी में टूटे खंभों को अभी तक सही नहीं किए जाने से नाराज थे। आरोप है कि ग्रामीणों ने डंडा मारकर दो संविदा कर्मियों का सिर फोड़ दिया और उपकेंद्र पर ईंट-पत्थर भी फेंके। हालात देखकर कर्मचारी विद्युत उपकेंद्र छोड़कर भाग गए। करीब एक घंटे तक विद्युत उपकेंद्र पर अराजकता का माहौल रहा। घटना के संबंध में घायल संविदा विद्युत कर्मी ने कोतवाली में तहरीर दी है।
दो दिन पूर्व क्षेत्र में आई तेज आंधी से खंभों सहित विद्युत तार टूट गए थे। महकमा अभी तक इन खंभों और तारों को सही नहीं करा पाया है। इस कारण इनसे जुड़े कई गांवों में बिजली बहाल नहीं हो पाई है। सोमवार की सुबह करीब 10 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण गुतहरा विद्युत उपकेंद्र पर पहुंच गए और बिजली न आने पर वहां हंगामा शुरू कर दिया। बिजली कर्मियों और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक नोकझोंक हुई। इस बीच कुछ और ग्रामीण वहां आ गए। आरोप है कि आते ही इन लोगों ने उपकेंद्र पर तैनात कर्मियों को पीटना शुरू कर दिया। डंडा लगने से संविदा कर्मी ननाहर सिंह और ब्रजमोहन के सिर फट गए।
आरोप है कि ग्रामीण यहीं नहीं रुके। उन्होंने विद्युत उपकेंद्र पर ईंट-पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। उपकेंद्र पर रखे सामान को तोड़ना शुरू कर दिया। पत्थरबाजी एवं भीड़ बढ़ती देख बिजली कर्मियों ने वहां से भागकर जान बचाई। इसके बाद सभी बिजलीकर्मी कोतवाली पहुंचे।
घायल संविदा कर्मी नाहर सिंह ने अपने और साथियों के साथ हुई मारपीट एवं उपकेंद्र पर की गई तोड़फोड़ के संबंध में कोतवाली में तहरीर दी है, जिसमें तीन नामजद और 20 अन्य लोगों पर इस घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने घायल दोनों संविदा कर्मियों का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराया है। सीओ गोपाल सिंह का कहना है कि संविदा कर्मी की तहरीर पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
घटना के संबंध में तहरीर दी गई है। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
-रंजीत कुमार, अधिशासी अभियंता सादाबाद