अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या पांच विजय कुमार द्वितीय के न्यायालय ने दूल्हे के गांव में उसके घर पहुंचकर जान से मारने की नीयत से फायर करने के दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोनों को सात-सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों पर 26-26 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दूसरों को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
थाना हसायन क्षेत्र के गांव बरसामई निवासी रामप्रसाद ने तहरीर देकर कहा था कि वह 18 अप्रैल 2007 को शाम करीब चार बजे अपने घर के सामने चबूतरे पर बैठे थे। तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्ति आकर रुके और उनके बेटे योगेश का घर पूछा। उन्होंने कहा कि घर तो यही है। इनमें से एक व्यक्ति ने कहा कि कल जिस जमालपुर थाना निधौली जनपद एटा के जिस व्यक्ति के यहां बरात जा रही है, उसकी बेटी से मैंने कोर्ट मैरिज कर रखी है, बरात वहां मत ले जाना। यदि बरात लाने की कोशिश की तो तुम्हारे बेटे और परिवार वालों को जिंदा नहीं छोडूंगा।
रामप्रसाद ने उनको समझाया कि कल बरात जाएगी, इतनी जल्दी ऐसा नहीं हो सकता। यह सुनकर वह दोनों गाली-गलौज करने लगे। गांव के अन्य लोगों ने भी उन्हें काफी समझाया, लेकिन वे नहीं माने। तमंचा निकालकर दोनों ने योगेश पर जान से मारने की नीयत से फायर किए। योगेश बैठ गया और गोली उसके कान के पास से होती हुई निकल गई, जिससे वह बाल-बाल बच गया। उसके पास खड़े बबलू का कारतूस के बारूद से हाथ और चेहरा झुलस गया। गांव वालों की मदद से दोनों को तमंचा व कारतूस सहित पकड़ लिया। एक ने अपना नाम सतेंद्र सिंह निवासी वाकलपुर थाना निधौली कलां जनपद एटा तो दूसरे ने अपना नाम पदमवीर निवासी नगला रूप थाना पिलुआ जनपद एटा बताया।
विवेचक ने विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत दोनों आरोपियों सतेंद्र सिंह व पदमवीर को दोषी करार देते हुए सात वर्ष की सजा सुनाई है।