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खाद कारोबारी के घर में लूट: फर्जी मुठभेड़ में दो आरोपियों को पकड़ने का आरोप, परिजन-ग्रामीणों ने घेरी कोतवाली

Sat, 11 Oct 2025 10:12 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

अजय ने बताया कि कारोबारी से खाद खरीदने के लिए उनके भाई ने पहले से ही एडवांस रुपये दे रखे थे। ये रुपये मांगने के लिए ओमवीर कारोबारी के घर गया था, लेकिन कारोबारी के परिजनों ने लूट की कोशिश की झूठी कहानी बनाकर उसे फंसा दिया।
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फर्जी मुठभेड़ को लेकर मुरसान थाने का घेराव करती महिलाएं व पुरुष - फोटो : संवाद
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विस्तार
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खाद कारोबारी के घर में घुसकर लूट की कोशिश के मामले में मुठभेड़ में पकड़े गए दोनों आरोपियों के परिजनों और ग्रामीणों ने 11 अक्तूबर को मुरसान कोतवाली का घेराव कर लिया। इन लोगों ने पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया। पुलिस अधिकारियों से इनकी तीखी नोकझोंक हुई। अधिकारियों ने 15 दिन में निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन देकर इन्हें शांत कराया। कोतवाली के घेराव की सूचना पर थाना हाथरस गेट पुलिस, कोतवाली सदर हाथरस पुलिस, चंदपा और महिला थाने की पुलिस के अलावा एसडीएम सदर राजबहादुर सिंह व सीओ सिटी योगेंद्रकृष्ण नारायण भी मुरसान कोतवाली पहुंच गए। 

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गांव बढ़ाकलां निवासी आरोपी ओमवीर सिंह के भाई अजय ने बताया कि कारोबारी से खाद खरीदने के लिए उनके भाई ने पहले से ही एडवांस रुपये दे रखे थे। ये रुपये मांगने के लिए ओमवीर कारोबारी के घर गया था, लेकिन कारोबारी के परिजनों ने लूट की कोशिश की झूठी कहानी बनाकर उसे फंसा दिया। अजय ने बताया कि अमित अग्रवाल उर्फ टिंकू सेठ को उन्होंने तीन लाख रुपये खाद खरीदने के लिए दिए थे। 

अजय ने बताया कि एक दिन पहले जब वह दोनों भाई खाद खरीदने आए तो उनके साथ अभद्रता की गई। कारोबारी महंगे रेट पर खाद देने की बात कर रहे थे। विरोध करने पर उन्होंने खाद देने से इन्कार कर दिया। अगले दिन उनका भाई ओमवीर पहले कारोबारी की दुकान पर गया था। जब दुकान पर अमित नहीं मिले तो वह उनके घर पर पहुंच गया। इसी बात पर अमित के परिवार वालों से झगड़ा हो गया था। 

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इस दौरान अमित की मां ने मामले को सुलझाने की कोशिश की थी और बाद में उनका भाई कारोबारी के घर से चला आया था। उनके भाई को फंसाने के लिए यह पूरा षडयंत्र रचा गया। दूसरे दिन पुलिस उनके गांव से तीन लोगों को उठाकर लाई थी। उसके बाद ओमवीर और देवा को पिलुखुनियां के पुल पर पुलिस के हवाले कर दिया। बाद में पुलिस ने गलत तरीके से ओमवीर के पैर में गोली मारी है।
परिजनों से वार्ता हुई है। मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीडीआर व अन्य सबूतों के आधार पर आरोपी पकड़े गए थे। -योगेंद्रकृष्ण नारायण, सीओ सदर

खाद कारोबारी ने यह रिपोर्ट दर्ज कराई थी
कस्बा मुरसान की वैश्यान गली निवासी अमित कुमार अग्रवाल ने नौ अक्तूबर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए कहा था कि सुबह करीब सवा 10 बजे उनके घर में दो नकाबपोश बदमाश लूट के इरादे से घुस आए। बदमाशों ने उनकी मां आशा अग्रवाल और पत्नी शिल्पी पर तमंचे तान दिन थे। नौकरों के आने की आहट सुनकर बदमाश फायरिंग करते हुए भाग गए थे। 10 अक्तूबर को पुलिस ने इस घटना के संबंध में अलीगढ़ जिले के इगलास थाना क्षेत्र के गांव बढ़ाकलां निवासी ओमवीर उर्फ सोनू और देवा को मुठभेड़ में गिरफ्तार करने का दावा किया था।

पैर में गोली लगने से ओमवीर घायल हो गया था। पुलिस का कहना था कि आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्हें अंदेशा था कि कारोबारी के घर पर मोटी रकम रखी है, इसलिए उन्होंने पहले दुकान पर रेकी और उसके बाद घर पहुंचकर लूटपाट की कोशिश की।
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