इस दौरान अमित की मां ने मामले को सुलझाने की कोशिश की थी और बाद में उनका भाई कारोबारी के घर से चला आया था। उनके भाई को फंसाने के लिए यह पूरा षडयंत्र रचा गया। दूसरे दिन पुलिस उनके गांव से तीन लोगों को उठाकर लाई थी। उसके बाद ओमवीर और देवा को पिलुखुनियां के पुल पर पुलिस के हवाले कर दिया। बाद में पुलिस ने गलत तरीके से ओमवीर के पैर में गोली मारी है।
परिजनों से वार्ता हुई है। मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीडीआर व अन्य सबूतों के आधार पर आरोपी पकड़े गए थे। -योगेंद्रकृष्ण नारायण, सीओ सदर
खाद कारोबारी ने यह रिपोर्ट दर्ज कराई थी
कस्बा मुरसान की वैश्यान गली निवासी अमित कुमार अग्रवाल ने नौ अक्तूबर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए कहा था कि सुबह करीब सवा 10 बजे उनके घर में दो नकाबपोश बदमाश लूट के इरादे से घुस आए। बदमाशों ने उनकी मां आशा अग्रवाल और पत्नी शिल्पी पर तमंचे तान दिन थे। नौकरों के आने की आहट सुनकर बदमाश फायरिंग करते हुए भाग गए थे। 10 अक्तूबर को पुलिस ने इस घटना के संबंध में अलीगढ़ जिले के इगलास थाना क्षेत्र के गांव बढ़ाकलां निवासी ओमवीर उर्फ सोनू और देवा को मुठभेड़ में गिरफ्तार करने का दावा किया था।
पैर में गोली लगने से ओमवीर घायल हो गया था। पुलिस का कहना था कि आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्हें अंदेशा था कि कारोबारी के घर पर मोटी रकम रखी है, इसलिए उन्होंने पहले दुकान पर रेकी और उसके बाद घर पहुंचकर लूटपाट की कोशिश की।