बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में कक्षा एक में पढ़ाई जाने वाली किताब कलरव को हटा दिया गया है। इसकी जगह अब कक्षा एक व दो के विद्यार्थियों को सारंगी, आनंदमय गणित व मृदंगम किताबें पढ़ाई जाएंगी। इसी शिक्षा सत्र से यह पाठ्यक्रम लागू होना है।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 1236 विद्यालयोंं में करीब 1.23 लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। विभाग इन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयास कर रहा है। नई शिक्षा नीति के तहत परिषदीय विद्यालयों के कक्षा एक व दो के विद्यार्थियों को एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाई जाएंगी। इसके तहत कक्षा एक में पढ़ाई जाने वाली किताब कलरव को हटा दिया गया है।
इस किताब से ही विद्यार्थियों को हिंदी, गणित, अंग्रेजी व आंशिक संस्कृत पढ़ाई जाती थी। अब इसकी जगह हिंदी के लिए सारंगी, गणित के लिए आनंदमय गणित व अंग्रेजी के लिए मृदंगम किताब तैयार की जा रही हैं। बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों के लिए किताब तैयार की जा रही हैं। प्रयास किया जा रहा है कि बच्चे रोचक ढंग से पढ़ाई कर सकें।