बिटिया प्रकरण के चारो अभियुक्त।संवाद
न्यायपालिका पर हमें पूरा भरोसा है। विश्वास है कि बहन के साथ क्रूरता करने वालों को न्यायालय फांसी की सजा सुनाएगा। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, बहन की अस्थियों का विसर्जित नहीं करूंगा। ये बातें फैसला आने से पहले बिटिया के भाई ने कही।
बिटिया के भाई ने कहा कि इस घटना ने हमें पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। घटना के बाद सरकार ने वादा किया था कि हमारे परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलेगी और आवास मिलेगा लेकिन यह वादा पूरा नहीं किया।
आज सीआरपीएफ की सुरक्षा में हम घर में कैद हैं। पहले बड़े भाई नोएडा में एक मोबाइल की कंपनी में जॉब करते थे और वह गाजियाबाद में एक पैथोलॉजी में जॉब करता था लेकिन घटना के बाद दोनों की नौकरी छूट गई। हमारे पास करीब चार बीघा जमीन है। उसी से गुजारा होता है।
उसने बताया कि परिवार में इस समय नौ सदस्य हैं। सभी गांव में ही हैं। सीआरपीफ की सुरक्षा की वजह से अभी कोई खतरा नहीं है। उसका कहना है कि उसकी बहन के शव का अंतिम संस्कार बलपूर्वक प्रशासन ने मध्य रात्रि में ही करा दिया था। इसका उन्होंने काफी विरोध भी किया था लेकिन प्रशासन ने उनकी एक नहीं सुनी थी।
अभियुक्तों के परिजन बोले : हमारे बच्चे निर्दोष, हमें मिलेगा न्याय
अभियुक्त पक्ष ने भी न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताया है। अभियुक्त रामू के पिता राकेश का कहना है कि हमें परमात्मा और न्यायालय पर पूरा भरोसा है। हमारे बच्चे निर्दोष हैं। हमारे साथ न्याय होगा।
उन्होंने कहा कि हमें सच्चाई पर भरोसा है। साक्ष्य और रिकॉर्ड के हिसाब से तो यह पक्का है कि हमारे बच्चों के खिलाफ कुछ है ही नहीं। ऐसे में हमें उम्मीद है कि हमारे बच्चों के साथ इंसाफ होगा। अन्य अभियुक्तों के परिजनों का भी यही कहना है। उनका कहना है कि इस केस की पैरवी करते-करते वह पूरी तरह से बर्बाद हो गए हैं। घरों में महिलाओं के जेवरात तक बिक गए हैं। हमें परमात्मा और न्यायालय का भरोसा है।