रेलवे ने बिना टिकट यात्रा और रेलवे के नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बढ़ाते हुए जुर्माने की नई दरें लागू कर दी हैं। रेलवे अधिनियम में संशोधन के बाद बिना टिकट यात्रा करने पर न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है।
ऐसे में हाथरस से मथुरा तक बिना टिकट पकड़े जाने पर अब यात्री को किराये सहित करीब 510 रुपये चुकाने होंगे, जबकि पहले यह राशि लगभग 260 रुपये थी। रेलवे के नए प्रावधानों के अनुसार यदि कोई यात्री यह साबित नहीं कर पाता कि उसने किस स्टेशन से यात्रा शुरू की है, तो उससे ट्रेन के प्रारंभिक स्टेशन से गंतव्य तक का किराया वसूला जाएगा और उसी आधार पर जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके अलावा रेलवे परिसर में भीख मांगने पर 2,000 रुपये, नशे की हालत में उपद्रव करने पर 1,000 रुपये, रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर 2,000 रुपये, आपत्तिजनक या खतरनाक सामान के अवैध परिवहन पर न्यूनतम 10,000 और महिला कोच में अनधिकृत यात्रा करने पर 2,500 रुपये का जुर्माना तय किया गया है।
हालांकि महिला कोच संबंधी प्रावधान ट्रांसजेंडर व्यक्तियों पर लागू नहीं होगा। पूर्वाेत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के पीआरओ सफरद हुसैन ने बताया कि संशोधित नियमों का उद्देश्य बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाना, यात्रियों में अनुशासन बढ़ाना और रेलवे परिसरों में सुरक्षा और व्यवस्था को मजबूत करना है। नियमों का अनुपालन कराने के लिए चेकिंग अभियान और सख्त किया जाएगा।
जून में अनाधिकृत यात्रा के 1,051 मामले
हाथरस जंक्शन स्टेशन पर कुल 809 बिना टिकट यात्री पकड़े गए। इनसे 5,29,665 रुपये जुर्माना वसूला गया। अनियमित टिकट के कुल 202 मामले पकड़े गए। इनसे 1,16,850 रुपये जुर्माना वसूला गया। धूम्रपान व गंदगी फैलाने के 40 मामलों में 7,800 रुपये वसूले गए। जून माह में चलाए गए अभियान के तहत हाथरस जंक्शन स्टेशन के अंतर्गत कुल 1,051 मामले सामने आए, इनसे 6,54,315 रुपये की कुल वसूली की गई।