बेसिक शिक्षा विभाग में परिषद की नीतियों के विपरीत हुए ट्रांसफर एवं संशोधन का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। आगरा की विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को बीएसए कार्यालय पहुंचकर इस मामले की जांच की।
जांच के दौरान बीएसए दफ्तर में खलबली मची रही। शक के दायरे में आ रहे अधिकारी व कर्मचारी टीम से छिपते नजर आए। टीम के जाने के बाद इनके होश उड़े हुए हैं। गौरतलब है कि विभाग में पिछले दिनों बडे़ पैमाने पर स्थानांतरण एवं नवीन नियुक्ति वाले शिक्षकों के स्थानांतरण में संशोधन आदेश जारी किए गए थे।
इस मामले में विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ शासन स्तर पर भी शिक्षक नेता पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री रमेश चौधरी एवं यूटा के जिलाध्यक्ष अविनाश सेंगर ने शिकायत की थी। विभागीय अधिकारियों ने भी इस मामले में जांच-पड़ताल की, लेकिन एडी ने जांच के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी है।
वहीं, शिक्षक नेताओं की इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शासन ने इसमें विजिलेंस टीम से जांच कराने का निर्णय लिया है। शासन के आदेश आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग पर विजिलेंस टीम ने पड़ताल शुरू कर दी है। टीम के अधिकारी इस मामले में साक्ष्य जुटाने में लगे हुए हैं। हालांकि शिकायतों के साथ ही कुछ साक्ष्य भेजे गए थे।
इनकी सच्चाई की भी विजिलेंस टीम जानने के प्रयास कर रही है, जिससे भविष्य में अगर विजिलेंस के माध्यम से अगर कोई कार्रवाई हो तो इन साक्ष्यों पर न्यायालय में प्रश्न चिन्ह खडे़ नहीं किए जा सकें।
-विजिलेंस की टीम कार्यालय आई थी, लेकिन उस समय हम जो विद्यालय मतदान केंद्र बनाए गए हैं, उनके निरीक्षण में थे। टीम ने क्या जांच की, इसकी जानकारी हमें नहीं है।
-रेखा सुमन, बीएसए हाथरस