मायावती सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट कांशीराम टाउनशिप के सरकारी क्वार्ट्स पर अवैध कब्जों का मुद्दा एक बार फिर गर्मा गया है। टाउनशिप में 500 से ज्यादा आवासों पर या तो अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है या फिर उनमें आवंटियों की जगह और किसी का बसेरा है।
प्रशासन इन शिकायतों की पहले भी जांच करा चुका है, लेकिन आवंटनों पर कोई आंच नहीं आई। अब कॉलोनी वेलफेयर सोसायटी ने एक बार फिर डीएम अविनाशकृष्ण सिंह को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें कॉलोनी में कुछ अराजक तत्वों द्वारा अवैध रूप से आवासों पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया है और आवास खाली कराने के साथ ही इनका आवंटन जरूरतमंद बेघरों को किए जाने की मांग उठाई गई है।
सोसायटी ने बताया है कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गई कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के तहत प्रथम पहले फेस में 1,500 आवासों का निर्माण कराया गया था। इनमें 50 से ज्यादा सरकारी आवास कुछ अराजक तत्वों ने 10-10 हजार रुपये लेकर फर्जी आवंटन पत्र जारी कर आवंटित कर दिए थे, जोकि जांच में भी प्रकाश में आए थे।
25 से ज्यादा सरकारी आवासों में दुकान खोलकर कर लोग आवास की जगह कारोबार चला रहे हैं, जोकि अवैध हैं। इसके साथ ही 125 आवासों में किराएदार रहते हैं। इनके द्वारा 500 रुपये लेकर 1,500 रुपये महीने तक किराया वसूला जा रहा है, जबकि इतने ही आवंटी ऐसे हैं, जिन्होंने शहर में पहले से ही निजी आवास होने के बावजूद गलत तरीके से आवंटन हासिल कर लिया है।
300 आवास 2010 से अब तक बंद पडे़ हुए हैं। इन सभी गलत आवंटन और कब्जों को हटाकर इन कब्जाधारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और खाली होने वाले आवासों को गरीब जरूरतमंदों को आवंटित किए जाने की मांग उठाई गई है।
डीएम को शिकायत करने वालों में प्रमुख रूप से अध्यक्ष महेशचंद्र वर्मा, महासचिव हरस्वरूप माहौर, रूप किशोर वर्मा, विष्णु कुमार त्रिपाठी, अजय कुमार आदि प्रमुख हैं। डीएम ने इन्हें आश्वस्त किया कि इन आवंटनों की जांच कराई जाएगी और जो भी अपात्र मिलेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।