गांव बहादुरपुर देवकरण में बवंडर से टूटा बिजली का खंभा
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क्षेत्र के गांव बहादुरपुर देवकरण में बृहस्पतिवार सुबह साढ़े 11 बजे अचानक धूलभरे काले बादल घिरे और तेज हवाओं के साथ आए बवंडर ने भारी तबाही मचा दी। मकानों की दीवारें गिर गईं, पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे टूट गए। गांव में दहशत का माहौल बन गया। बहादुरपुर में भारी नुकसान पहुंचाने वाले इस बवंडर का असर करीब सौ मीटर दूर बसे गांव के मजरे देवकरण में नहीं था।
ग्रामीणों की माने तो बवंडर के दौरान अंधेरा छा गया था और हाथ को हाथ भी दिखाई नहीं दे रहा था। गांव में नीम के कई विशाल वृक्षों को उखाड़ दिया तो कुछ बीच में से ही टूट गए। पेड़ो के नीचे बंधे पशु घायल हो गए। गांव में विद्युत लाइन के करीब पांच खंभे टूट गए और बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। प्रमोद कुमार गुप्ता के मकान पर पेड़ टूटकर गिरने से दरार आ गई, साथ ही छत पर लगी रेलिंग टूट गई। धर्मवीर सिंह की टीनशेड आंधी में उड़ गई, दीवार गिरने से उसके मलबे में दबकर एक पशु घायल हो गया।
राजबीर सिंह के मकान की दीवार भी गिर गई। बलवीर सिंह, चरण सिंह, हरप्रसाद के मकानों पर लगी टीन शेड उड़ गई। ऊदल सिंह और ओमवीर सिंह मकान में लगे नीम के पेड़ टूट गए। पेड़ टूटने से ऊदल सिंह की चार गाय और एक बैल घायल हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि आसपास के किसी भी गांव में आंधी नहीं आई। इस दौरान हल्की बूंदा-बांदी भी हुई। इसमें घायल हुई महिला गीता का कहना है कि वह पेड़ों के नीचे बंधे पशुओं को खोलने गई थी, तभी पेड़ की एक डाल टूटकर उनके पास गिरी। गीता की बाजू में चोट आई है। उनका कहना है कि भगवान का शुक्र ही कि वह बच गई।
धूल का गुबार उठा.. दो मिनट में ही सब तहस-नहस कर गया
अचानक गांव बहादुरपुर के पास खेतों की ओर धूल का गुबार उठा और वह गांव की ओर बढ़ने लगा। गांव में पहुंचते ही बवंडर ने दो मिनट में ही सब कुछ तहस-नहस कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि वह उस समय पेड़ों की छाया में बैठे हुए थे, अचानक धूल और हवा का घूमता हुआ चक्रवात आया और पूरे गांव में अंधेरा छा गया। धूल ही धूल हवा के साथ घूम रही थी। करीब दो-तीन मिनट यह बवंडर गांव में रहा और एक ही झटके टीन शेड हवा में उड़ गए, पेड़ और खंबे गिरने लगे। इसके बाद जिधर से आया था, उधर ही चला गया। दो मिनट में बवंडर ने जो तबाही मचाई, उसे देखकर गांव ही नहीं आसपास के गांवों के लोग भी अचंभित हैं और वे बहादुरपुर में पहुंच रहे हैं। पास ही करीब सौ मीटर की दूरी पर बहादुरपुर का एक मौजा देवकरण है। उस गांव में सबकुछ ठीकठाक है।
हमने पहले नेपाल में आए भूकंप के बारे में सूना था, तब हमारे गांव में केवल जमीन हिली थी कोई नुकसान नहीं हुआ। इस बवंडर ने तो सबको हिला कर रख दिया है- मंगलेश यादव पूर्व जिलाध्यक्ष भाकियू हाथरस
ऐसा कभी बवंडर पहले कभी नहीं देखा। केवल गर्मियों के दिनों में चक्करदार हवा के साथ धूल उठती देखते थे, लेकिन इस बवंडर ने हम सबको भयभीत कर दिया है। -रघुवीर सिंह
पहले आंधियां आईं और कई बार जबरदस्त तूफान भी आए हैं लेकिन हमारे गांव में इतना नुकसान कभी नहीं हुआ, जितना इस बवंडर ने किया है- रमेश चन्द्र