एमजी पॉलीटेक्निक के मैदान पर रावण के पुतले को तैयार करते कारीगर।
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असत्य पर सत्य की जीत, अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक माना जाने वाला विजय दशमी का पर्व आज मनाया जाएगा। जिलेभर में अलग अलग तरह के दशानन के पुतले तैयार किए गए हैं। शहर के पॉलीटेक्निक मैदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित विजय दशमी कार्यक्रमों के दौरान पुतलों का दहन किया जाएगा।
जिले के सभी कस्बों में रावण के पुतले वध के लिए तैयार हो चुके हैं। सभी की अलग-अलग खासियत है। कहीं 65, कहीं 40 तो कहीं 20 फीट का ही रावण का पुतला जलाया जाएगा। इसके अलावा गली-मोहल्लों में भी छोटे-छोटे रावण के पुतले फूंके जाएंगे।
शहरवासी दशहरा उत्सव मनाने को तैयार हैं। जगह जगह बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। यहां आतिशबाजी मुकाबला भी आकर्षण का केंद्र होगा। शहर के पॉलीटेक्निक मैदान पर सबसे ऊंचा करीब 65 फीट का रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।
मंगलवार को सुबह से रावण के पुतले को पॉलीटेक्निक मैदान में खड़ा कर दिया जाएगा। शाम को भगवार श्रीराम, लक्ष्मण और उनकी वानर सेना शोभायात्रा के रूप में पुतले का दहन करने आएगी। एमजी पॉलीटेक्निक के मैदान पर सोमवार को दिन भर रावण के पुतले को तैयार करने का काम युद्ध स्तर पर किया गया।