अलीगढ़/हाथरस। ब्लॉक प्रमुख चुनाव के बाद अब अलीगढ़ और हाथरस में स्थानीय निकाय के एमएलसी चुनाव की हलचल तेज हो गई है। सोमवार को इस चुनाव के नामांकन की प्रक्रिया अलीगढ़ जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय में पूरी होगी। सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक नामांकन पत्र जमा होंगे। 16 फरवरी को नामांकन पत्रों की जांच और 18 को नाम वापसी होगी। राजनीतिक सूत्रों की मानें तो 18 फरवरी को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के दिल्ली पब्लिक स्कूल में होने वाले अभिनंदन समारोह में इस चुनाव की तस्वीर और साफ हो जाएगी। अगर सपाई खेमा बाकी उम्मीदवारों को ‘समझाबुझा’ कर शांत कर पाया तो सपा के लिए यकीनन ये चुनाव जीतना आसान हो जाएगा। अन्यथा मुकाबला कांटे का होगा क्योंकि राजनीतिक सूत्रों की मानें तो निर्दलीय उम्मीदवार सुनील सिंह, जो लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं इस सीट पर पूर्व एमएलसी रह चुके हैं। उनको बसपा का अंदरखाने से समर्थन मिल सकता है। ऐसा होने पर सुनील सिंह सपा को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। इन दोनों के बीच कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष गिरवर शर्मा की इंट्री ने चुनाव को त्रिकोणीय कर दिया है। अगर मुलायम सिंह के दौरे तक कुछ तय नहीं हुआ तो मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं। सपा ने हाथरस की सपा जिलाध्यक्ष ओमवती यादव के पति जसवंत सिंह को मैदान में उतारा है तो बसपा, भाजपा और रालोद से अब तक कोई उम्मीदवार सामने नहीं आया है। ---बसपा पर नहीं है दावेदारबसपा के सामने दिक्कत यह है कि अलीगढ़ और हाथरस में उसका कोई भी दिग्गज बेहद खर्चीले और पेचीदा चुनाव में उतरने को तैयार नहीं है, जबकि इससे पहले हुए चुनाव में बसपा से मुकुल उपाध्याय एमएलसी बने थे। सपा से जसवंत सिंह यादव और कांग्रेस से पूर्व जिलाध्यक्ष अलीगढ़ गिरवर शर्मा, निर्दलीय प्रत्याशी पूर्व एमएलसी व लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह और एक अन्य प्रत्याशी मैदान में हैं। ----प्रशासन की तैयारियों ने भी पकड़ी तेजीजिला प्रशासन ने भी एमएलसी चुनाव के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। दोनों जिलों की संशोधित मतदाता सूची सोमवार को फाइनल हो जाएगी। -----------------