जिले में कृषि का क्षेत्रफल 1.49 लाख हेक्टेयर है, लेकिन जिले में कृषि के तकनीकी ज्ञान और शिक्षा के लिए कोई भी महाविद्यालय नहीं है। जिले में कृषि विषय से किसी भी महाविद्यालय में स्नातक की मान्यता नहीं है। इस कारण कृषि क्षेत्र में दिलचस्पी रखने वाले जिले के युवा अन्य जिलों में जाकर कृषि संबंधी पढ़ाने करने के लिए मजबूर हैं।
जिले में 89 राजकीय, वित्त पोषित और वित्तविहीन महाविद्यालय हैं। इनमें कला, विज्ञान, कॉमर्स सहित अन्य विषयों से स्नातक की पढ़ाई कराई जाती है। हैरानी की बात यह है कि यहां के विद्यार्थी जब महाविद्यालयों में कृषि वर्ग से स्नातक करने का मन बनाकर महाविद्यालयों में संपर्क करते हैं तो इन विद्यार्थियों को निराशा ही हाथ लगती है।
जिले के 89 महाविद्यालयों में से एक में भी कृषि विषय से स्नातक की सुविधा नहीं है। इस कारण यहां के विद्यार्थी अलीगढ़, मथुरा व आगरा जाकर कृषि विषय से स्नातक करने के लिए मजबूर होते हैं। जिले में कुल 1.85 लाख हेक्टेयर भौगोलिक क्षेत्रफल में से 1.49 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल कृषि योग्य है। करीब तीन लाख किसान हैं। इसके बावजूद जिले में अभी तक कृषि की मान्यता नहीं हुई है, जबकि कृषि क्षेत्र में युवाओं के नई तकनीकी के जरिये कई आयाम खुलते जा रहे हैं।
-
जिले में कृषि क्षेत्र में उच्च शिक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण इंटरमीडिएट के बाद कृषि की पढ़ाई के लिए यहां के विद्यार्थियों को नजदीकी जनपदों में जाना पड़ता है।
-अनुज वार्ष्णेय, विद्यार्थी
-
कृषि में लगातार नई-नई तकनीकी का प्रयोग कर किसानों की आय को दोगुना करने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन जिले में स्नातक विषय तक में कृषि विषय की मान्यता नहीं है।
-अनमोल वार्ष्णेय, विद्यार्थी।