अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का अभियान तीसरे दिन भी जारी रहा। बृहस्पतिवार को हसायन में छापा मारा गया। तीन अस्पतालों को बंद करा दिया गया, नोटिस देकर कागजात पूरे करने की चेतावनी दी गई है। टीम के आने की सूचना पर झोलाछाप क्लीनिक बंद कर भाग गए। सीएमओ डॉ. वेदप्रकाश अग्रवाल ने कहा है कि जनहित में कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
सीएचसी हसायन के चिकित्सा अधीक्षक ने चर्च के पास डॉ. अशरफ अली के क्लीनिक का निरीक्षण किया। यहां अवैध रूप से चिकित्सकीय कार्य किया जा रहा था। कोई दस्तावेज न दिखाने पर नोटिस चस्पा कर अस्पताल बंद करा दिया गया। सीएमओ ने बताया कि प्रकरण में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
रति का नगला रोड स्थित लोट्स हॉस्पिटल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। संचालक अवधेश कुमार ने जो पंजीकरण दिखाया, उसकी समयावधि 30 अप्रैल 2026 को ही समाप्त हो चुकी है। नवीनीकरण का कोई आवेदन प्रस्तुत न करने पर नोटिस थमाया गया। योग्य चिकित्सक की उपस्थिति और वैध पंजीकरण होने तक अस्पताल बंद रहेगा।
सलेमपुर में सिकंदराराऊ रोड स्थित माता रानी क्लीनिक के निरीक्षण में भी चिकित्सक गैरहाजिर मिले। मौजूद स्टाफ पंजीकरण या शैक्षिक योग्यता से संबंधित कोई भी अभिलेख दिखाने में असमर्थ रहा। क्लीनिक संचालक नितिन भारद्वाज को नोटिस जारी करते हुए प्रपत्र सीएमओ कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल को बंद करा दिया गया। संवाद