न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
एसआईटी की जांच में फंसे तीन और शिक्षक-शिक्षिकाओं के खिलाफ बीएसए ने बर्खास्तगी की कार्रवाई की है। इनसे पहले 64 के खिलाफ यही कार्रवाई की जा चुकी है। सात के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के लिए बीएसए ने एसआईटी से सुझाव मांगा है।
बेसिक शिक्षा विभाग के 74 शिक्षक -शिक्षिकाएं एसआईटी के घेरे में आ गए हैं। इनमें से बीएसए द्वारा 64 शिक्षकों के खिलाफ पहले ही बर्खास्तगी की कार्रवाई की चुकी है। जिनमें से कुछ को कोर्ट ने राहत भी मिल चुकी है। लेकिन अब 10 संदिग्ध डिग्री वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं में शामिल तीन शिक्षक शिक्षिकाओं के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई बीएसए ने की है। बीएसए हरीशचंद्र ने बताया कि वर्ष 2004-05 की संदिग्ध बीएड की डिग्री वाले शिक्षकों में से तीन खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है, जिसमें उच्च प्राथमिक विद्यालय सरौठ सादाबाद की शिक्षिका लता कुमारी, नगला काठ के प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक मुकेश देशवाल और जूनियर स्कूल करसौरा के शिक्षक प्रेमसिंह का नाम शामिल है। इन तीनों के बारे में डॉ.भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा ने स्पष्ट लिख कर दिया है कि इन तीनों के जो रोल नंबर हैं, वह विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2005 की बीएड परीक्षा के लिए आवंटित ही नहीं किए गए हैं, इसलिए इनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है।