इंस्टाग्राम व फेसबुक रील्स से प्रभावित होकर दो बहनें कॅरिअर बनाने घर से बिना बताए मुंबई के लिए निकल गईं। दोनों अपनी छोटी सात साल की बहन को भी साथ ले गईं। शनिवार शाम को मिली सूचना पर पुलिस ने छानबीन शुरू की और 12 घंटे की मशक्कत के बाद तीनों को सकुशल खोज लिया। एसआई अजय राज तीनों बहनों को लेकर रविवार शाम को कोतवाली पहुंचे और उन्हें परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
लाला का नगला निवासी व्यक्ति ने 15 अगस्त की शाम को कोतवाली सदर में तीनों बहनों के लापता होने शिकायत की थी। पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की। पिता ने बताया कि उनकी 18, 17 व 7 साल की बेटियां घर नहीं लौटी हैं। शनिवार की सुबह करीब सात बजे मदरसे में प्रवेश के लिए घर से निकली थीं, लेकिन वे वापस नहीं लौटीं।
जब वे मदरसे पर पहुंचे तो पता चला कि वे वहां आई ही नहीं। काफी तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। एसपी ने सीओ सिटी के नेतृत्व में टीम गठित कीं। सर्विलांस और एंटी थेफ्ट टीम को भी तलाश में लगाया गया। पुलिस ने तीनों बच्चियों के फोटो आसपास के गांवों और मोहल्लों में लोगों को दिखाकर जानकारी जुटाई। बस स्टैंड, बाजार सहित अन्य स्थानों पर भी तलाश की गई। सोशल मीडिया पर भी फोटो डाले गए।
सीसीटीवी से आगरा तक पहुंची पुलिस
तलाशी के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालीं। आगरा रोड की फुटेज में तीनों बहनें एक बस में बैठकर आगरा की ओर जाती दिखाई दीं। इसके बाद पुलिस टीमों ने बस को ट्रेस करते हुए सीसीटीवी कैमरों की मदद से आगरा के फाउंड्री नगर तक उनका पीछा किया। यहां की फुटेज में तीनों एक ऑटो में बैठकर जाती दिखाई दीं। पुलिस ने ऑटो को ट्रेस किया तो उसका रूट आगरा कैंट रेलवे स्टेशन की ओर मिला। इसके बाद आगरा रेलवे स्टेशन और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जिस ट्रेन में तीनों बहनें सवार हुई थीं, उसे ट्रेस किया गया। तकनीकी सूचना और करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से पुलिस को उनकी लोकेशन मध्य प्रदेश के बीना में मिली। इसके बाद भोपाल में जीआरपी थाना बीना के सहयोग से तीनों बहनों को ट्रेन में खोज लिया गया।
12 घंटे के अंदर तीनों बहनों को सकुशल खोज लिया गया है। तीनों परिवार से नाराज थीं और कॅरिअर बनाने की चाह में मुंबई के लिए निकल गई थीं। उन्हें समझाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
-चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी