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Hathras News: तीन अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार, 105 किलो गांजा बरामद

Sat, 26 Jul 2025 01:08 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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सादाबाद और मुरसान पुलिस ने संयुक्त रूप से गांव नगला बाबू में आरओ प्लांट के निकट से शुक्रवार को एक काले रंग की स्कॉर्पियो कार से 105 किलो गांजा बरामद किया है। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 10.50 लाख रुपये है। पुलिस ने गाड़ी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि थानाध्यक्ष योगेश कुमार को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कुछ व्यक्ति स्कॉर्पियो कार से अवैध मादक पदार्थ लेकर जा रहे हैं। सूचना पर सादाबाद और मुरसान थानों की पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए इस कार को गांव नगला बाबू के निकट पकड़ लिया।
इसमें सवार तीन लोगों ने पुलिस को अपने नाम दिनेश छौंकर निवासी ग्राम सुदामा गोरई थाना इगलास जिला अलीगढ़, नाहर सिंह उर्फ निक्की निवासी ग्राम हर्रवा थाना अरावली विहार जनपद अलवर (राजस्थान), सूरज चौधरी निवासी ग्राम गुबरारी थाना मुरसान बताए हैं। कार से गांजा के 105 पैकेट बरामद हुए हैं। प्रत्येक बंडल का वजन 01-01 किलो ग्राम पाया गया।
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एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वह सभी गांजा को उड़ीसा से राजस्थान ले जा रहे थे। वह उड़ीसा से सस्ते दामों पर गांजा खरीदकर लाते हैं और राजस्थान व अन्य प्रदेशों में महंगे दामों पर बेचकर भारी मुनाफा कमाते हैं।


युवा पीढ़ी को बना रहे थे नशे का आदी

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उड़ीसा में बेहद सस्ते दामों में गांजा मिल जाता है। यहां से गांजा लाकर वह राजस्थान और यूपी के बड़े-बड़े शहरों में इसकी आपूर्ति करते थे। उड़ीसा से खरीदा हुआ गांजा 4-5 गुना महंगे रेट पर आसानी से बिकता था। इस गांजे को बेचकर मिलने वाले रुपयों से वह और गांजा खरीद लेते थे। अक्सर गांजे को स्कॉर्पियो जैसी बड़ी गाड़ियों में छिपाकर तस्करी के लिए राजस्थान ले जाते थे। युवा पीढ़ी इस नशे का आदी होती जा रही है, इसलिए गांजा की मांग लगातार बढ़ रही है।

फिल्मी स्टाइल पुलिस ने की कार की घेराबंदी
तस्करों की गाड़ी की रफ्तार देखकर लोग दंग रह गए। रफ्तार इतनी तेज थी कि अगर कोई अचानक गाड़ी के सामने आ जाए तो उसका बचना नामुमकिन था। पुलिस की गाड़ियां इनके पीछे फिल्मी स्टाइल में दौड़ रही थीं। पुलिस जीपीएस के जरिये इनका पीछा कर रही थी।

गाड़ी मालिक स्पर्श के दोस्त सुनील कुमार ने बताया कि करीब 15 दिन पूर्व आगरा के कारगिल पेट्रोल पंप के निकट से यह लोग स्कॉर्पियो कार को भाड़े पर लेकर आए थे। प्रतिदिन चार हजार रुपये में गाड़ी तय हुई थी। जब 15 दिन बीत गए तो गाड़ी के लिए फोन किया गया तो इन लोगों ने आनाकानी।
सुनील ने बताया कि जब हमने कहा कि जीपीएस से गाड़ी को बंद कर देंगे तो इन लोगों ने गाड़ी को कटवाने की धमकी दी। इस धमकी से हम घबरा गए और हमने जीपीएस से लोकेशन ट्रेस करना शुरू कर दी। गाड़ी को सादाबाद-जलेसर मार्ग पर पकड़ लिया। सुनील ने बताया कि गाड़ी में उस दौरान कुछ सामान रखा हुआ था, जो मुझे संदिग्ध प्रतीत हुआ। जब मैंने व मेरी साथियों ने वीडियो बनाई तो यह लोग गाड़ी को छोड़कर भाग गए और इनके कुछ साथी आए और फिर स्कोर्पियों को लेकर भाग खडे़ हुए। इसके बाद हमने सादाबाद चौराहे पर जीपीएस से गाड़ी को बंद कर दिया था, लेकिन इन लोगों ने अन्य तकनीकी से गाड़ी स्टार्ट कर ली और भागने लगे। हमने इसकी सूचना थाना सादाबाद पुलिस को दी तो पुलिस ने पीछा करना शुरू कर दिया। संवाद
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मुरसान और सादाबाद पुलिस में हुई तनातनी

आरोपियों को पकड़ने के बाद सादाबाद पुलिस उन्हें सादाबाद ले जाने लगी, लेकिन मुरसान थानाध्यक्ष ने मुरसान क्षेत्र का मामला बताकर रोक लिया। इसे लेकर दोनों थानाध्यक्षों में तनातनी हुई। पुलिस में करीब एक घंटे तक यह विवाद चलता रहा। बाद में अधिकारियों के निर्देश पर दोनों थानाध्यक्ष शांत हुए। मुरसान पुलिस भी इसे अपना गुडवर्क बताकर भुनाने के लिए प्रयास करती रही और मुरसान पुलिस सफल रही।
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