सिकंदराराऊ में पन्ना गुरु की तेरहवीं पर झूमते हुए ओमबाबा मंदिर पर घंटा चढ़ाने जाते किन्नर।
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नगरवासियों के लिए गुरुवार का दिन सदैव याद रहेगा। 118 साल में मरीं किन्नर पन्ना गुरु की तेरहवीं यादगार बन गई। नगर की सड़कें कई घंटे तक गीत-संगीत और नृत्य से सरोबार रहीं। विभिन्न शहरों से आए किन्नरों ने मंदिर में घंटों नृत्य किया। एक हफ्ते तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। अभी दो-तीन दिन तक और कई कार्यक्रम होंगे।
गुरुवार की दोपहर 11 बजे किन्नरों का कारवां गेस्ट हाउस से चला। हालांकि नगर यात्रा में चुनिंदा किन्नर ही शामिल हुए। बाकी गेस्ट हाउस में ही रहे। आगे-आगे ढोल नगाढे़ बज रहे थे। इसके पीछे किन्नर सिर पर 21 किलो वजनी पीतल के घंटे लिए थे। साथ ही मजार पर चढ़ाने के लिए चादर भी लिए थे। गेस्ट हाउस से निकलते ही अनिल वार्ष्णेय, शरद वार्ष्णेय, राजा गुप्ता, पप्पी वार्ष्णेय के घर से गुलाब की पंखुड़ियां बरसा कर स्वागत किया गया।
शीतल पेय पिलाया गया। इसके पश्चात किन्नर ओम बाबा मंदिर पर पहुंचे। यहां पर विधि विधान से घंटा चढ़ाया गया। यहां से मस्जिद मार्केट स्थित मजार पर किन्नर पहुंचीं। मजार पर चादर पोशी के दौरान बच्चों के स्वास्थ की कामना, व्यापार की उन्नति तथा देश में शांति की मन्नत मांगी गई। इसके बाद काफिला मोहल्ला बारहसैनी स्थित राधा कृष्णमंदिर पहुंचा। यहां जम कर नृत्य किया गया। आरती के पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार के साथ घंटा चढ़ाया गया। जहां-जहां से कारवां गुजरा, भीड़ नजर आई। मंदिरों में देशी घी की मिठाई का वितरण भी किया गया।